छत्तीसगढ़ के सबसे संवेदनशील और बहुचर्चित दरभा-झीरम घाटी नक्सली हमले से जुड़े मामले की न्यायिक सुनवाई अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आज दोपहर 3 बजे से इस मामले में अंतिम बहस शुरू होगी, जिसमें अभियोजन और बचाव पक्ष अपने-अपने अंतिम तर्क न्यायालय के समक्ष रखेंगे।
11 आरोपियों के खिलाफ चल रही सुनवाई
झीरम घाटी हमले के इस प्रकरण में कुल 11 आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा चलाया जा रहा है। इनमें से एक आरोपी की मौत हो चुकी है, जबकि अन्य के खिलाफ सुनवाई जारी है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने मजबूती से अपने साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं। इस मामले में अब तक कुल 101 गवाहों के बयान न्यायालय में दर्ज किए जा चुके हैं। इन्हीं गवाहों के बयानों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर मामला अब अंतिम बहस के मुकाम पर पहुंचा है।
वरिष्ठ अधिवक्ता कर रहे हैं पैरवी
आज होने वाली इस अंतिम बहस के दौरान दोनों पक्ष साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और केस से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर अपने तर्क रखेंगे। शासन की ओर से इस हाई-प्रोफाइल मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता दिनेश पाणिग्रही पैरवी कर रहे हैं। बहस पूरी होने के बाद न्यायालय इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख सकता है या फिर फैसले की तारीख का ऐलान कर सकता है।
13 साल से न्याय का इंतजार
गौरतलब है कि झीरम घाटी नक्सली हमला छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक है। घटना के 13 साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवारों और प्रदेश की जनता को न्याय का इंतजार है। इस अंतिम बहस और आगामी फैसले से यह स्पष्ट हो जाएगा कि अभियोजन पक्ष द्वारा लगाए गए आरोप अदालत में कितने साबित हो पाते हैं।









