रायपुर। छत्तीसगढ़ की रायपुर रेंज पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिम कार्ड एक्टिवेट कर साइबर ठगों को बेचने वाले दो पीओएस (POS) एजेंटों को गिरफ्तार कर एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान उमेश प्रजापति (23 वर्ष, निवासी छतरपुर, मध्य प्रदेश) और मनोज देवांगन (29 वर्ष, निवासी खैरागढ़, छत्तीसगढ़) के रूप में हुई है।
रायपुर आईजी अमरेश मिश्रा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इन फर्जी सिम कार्ड्स का इस्तेमाल यूट्यूब पर अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने और ‘कौन बनेगा करोड़पति’ (KBC) के नाम पर लोगों को चूना लगाने के लिए किया जा रहा था।
ई-केवाईसी और दस्तावेजों का करते थे दुरुपयोग पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उन्होंने बताया कि जब भी कोई सामान्य ग्राहक नया सिम कार्ड लेने या सिम पोर्ट कराने उनके पास आता था, तो वे उसके दस्तावेजों और ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया का दुरुपयोग करते थे। ग्राहक की जानकारी पर ही वे चुपके से एक अतिरिक्त सिम कार्ड एक्टिवेट कर लेते थे। बाद में इन फर्जी सिम कार्डों को ऊंचे दामों पर साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।
ब्लैकमेलिंग और KBC के नाम पर 7.90 लाख की ठगी इस नेटवर्क के जरिए गरियाबंद जिले के इंदागांव थाना क्षेत्र में ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया था। यहां एक पीड़ित से फेसबुक पर दोस्ती करने के बाद व्हाट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए उसका अश्लील वीडियो बना लिया गया। फिर उसे वायरल करने की धमकी देकर करीब 7.90 लाख रुपये की वसूली की गई।
इसके अलावा, एक अन्य मामले में पीड़ित को केबीसी (KBC) में मोटी इनामी राशि जीतने का झांसा दिया गया और टैक्स व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। रेंज साइबर थाना रायपुर ने तकनीकी विश्लेषण और टेलीकॉम कंपनियों से मिले डेटा के आधार पर दोनों एजेंटों को ढूंढ निकाला।
आरोपी भेजे गए जेल, पुलिस की नागरिकों से अपील पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फर्जी सिम कार्ड सप्लाई करने वाले इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है और यह अभियान आगे भी चलेगा।
इस बीच, रायपुर रेंज पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने से बचें। किसी भी तरह के ऑनलाइन लालच या धमकी के आगे न झुकें और यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत इसकी शिकायत नजदीकी थाने या साइबर सेल में दर्ज कराएं।










