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बिलासपुर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: जेल में बंद छात्र दे सकेगा NEET की परीक्षा, चीफ जस्टिस ने दिए सुरक्षा में एग्जाम सेंटर भेजने के निर्देश

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (हाईकोर्ट) के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने एक मामले में अर्जेंट सुनवाई करते हुए मानवीय दृष्टिकोण से बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद एक छात्र को आगामी रविवार को आयोजित होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने रायपुर एसपी और जेल अधीक्षक को कड़े निर्देश दिए हैं कि छात्र को उचित सुरक्षा घेरे में परीक्षा केंद्र तक ले जाया जाए।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत बंद है छात्र

जानकारी के अनुसार, आवेदक छात्र को रायपुर के खमतराई पुलिस स्टेशन में दर्ज अपराध संख्या 430/2026 के तहत गिरफ्तार किया गया था। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 108 के तहत मामला दर्ज है और वह फिलहाल सेंट्रल जेल रायपुर में निरुद्ध है।

छात्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एडवोकेट अनुकूल विश्वास के माध्यम से हाईकोर्ट में अस्थायी जमानत (Temporary Bail) की मांग को लेकर एक अंतरिम आवेदन (Interim Application) पेश किया गया था।

कोर्ट में वकील की दलीलें

सुनवाई के दौरान आवेदक के वकील ने कोर्ट के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख बातें रखीं:

  • परीक्षा में शामिल होना जरूरी: छात्र का नीट 2026 की परीक्षा में शामिल होना बेहद आवश्यक है, जो 21 जून 2026 को केंद्रीय विद्यालय रायपुर में आयोजित होने वाली है। इसके समर्थन में एडमिट कार्ड की कॉपी भी कोर्ट को सौंपी गई।
  • अध्ययन सामग्री की मांग: वकील ने यह भी निवेदन किया कि छात्र को जेल के भीतर ही आवश्यक किताबें और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जाए ताकि वह परीक्षा की अंतिम तैयारी ठीक से कर सके।

चीफ जस्टिस ने रायपुर एसपी और जेल अधीक्षक को दिए ये कड़े निर्देश

चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत निर्देश जारी किए:

  1. सुरक्षित आवागमन: रायपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) और केंद्रीय जेल अधीक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि छात्र को 21 जून 2026 को उचित पुलिस हिरासत में सीधे परीक्षा केंद्र (केंद्रीय विद्यालय, रायपुर) ले जाया जाए।
  2. परीक्षा की अनुमति: छात्र को निर्धारित तिथि और समय पर पूरी सुरक्षा के बीच परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाए।
  3. तत्काल वापसी: परीक्षा समाप्त होते ही आवेदक छात्र को बिना किसी देरी के वापस संबंधित जेल में लाकर दाखिल किया जाए।

तीन सप्ताह बाद होगी अगली सुनवाई: हाईकोर्ट ने नोट किया कि मामले में अभी तक पुलिस द्वारा आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल नहीं किया गया है। इसलिए कोर्ट ने इस मामले को तीन सप्ताह बाद फिर से सूचीबद्ध (List) करने का आदेश दिया है।

रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को निर्देशित किया गया है कि वे इस आदेश की प्रति संबंधित ट्रायल कोर्ट, रायपुर एसपी और जेल अधीक्षक को तत्काल भेजें ताकि आदेश का पालन समय पर सुनिश्चित किया जा सके।

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