बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल क्षेत्र से एक बेहद हैरान और परेशान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक ट्रैक्टर मालिक ने महिला नायब तहसीलदार पर रेत से भरी गाड़ी छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर वाहन को थाने में खड़ा करा दिया गया, जिससे तंग आकर मानसिक तनाव में ट्रैक्टर मालिक ने जहरीला पदार्थ खा लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रेत परिवहन के दौरान हुई थी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार, पीड़ित ट्रैक्टर मालिक कमल ओगरे ने बताया कि गुरुवार सुबह सिनोधा घाट से भवन निर्माण के लिए महानदी की रेत लेकर उसके दो ट्रैक्टर आ रहे थे। इसी दौरान कसडोल की नायब तहसीलदार आकांक्षा तिवारी ने गाड़ियों को रोककर जांच की।
- एक ट्रैक्टर छोड़ा, दूसरा जब्त: पीड़ित का कहना है कि कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने एक ट्रैक्टर को छोड़ दिया, जबकि दूसरे रेत से भरे ट्रैक्टर को जब्त कर कसडोल थाने में खड़ा करवा दिया।
पैसे नहीं देने पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप
ट्रैक्टर मालिक कमल ओगरे का सीधा आरोप है कि जब्त ट्रैक्टर को छोड़ने के बदले उनसे 50 हजार रुपये की मांग की गई थी। रकम न दे पाने के कारण उनका वाहन नहीं छोड़ा गया, जिससे वे भारी आर्थिक और मानसिक दबाव में आ गए। इसी तनाव के चलते उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाते हुए जहरीला पदार्थ घटक लिया।
अस्पताल में उपचार जारी: जहर सेवन के बाद तबीयत बिगड़ती देख परिजनों और स्थानीय लोगों ने कमल को तुरंत कसडोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में दाखिल कराया। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
इलाके में गरमाया माहौल
राजस्व अधिकारी पर लगे इस गंभीर आरोप और पीड़ित द्वारा उठाए गए इस आत्मघाती कदम के बाद से पूरे कसडोल क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इस संवेदनशील मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक और पुलिस महकमा भी सतर्क हो गया है और मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच की बात कही जा रही है।










