रायगढ़। आईपीएल फाइनल मैच के दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन अंकुश” के तहत रायगढ़ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर थाना और खरसिया चौकी पुलिस की संयुक्त टीम ने खरसिया क्षेत्र में छापेमारी कर एक सक्रिय ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 31 लाख 99 हजार 700 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और एक नोट गिनने की मशीन जब्त की है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि आईपीएल फाइनल मुकाबले पर बड़े पैमाने पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर गठित विशेष टीम ने खरसिया में दबिश देकर दो आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान एक संगठित सट्टा नेटवर्क के संचालन का खुलासा हुआ, जिसके तार कई अन्य लोगों से जुड़े पाए गए हैं।
दो आरोपी गिरफ्तार, तीन अन्य भी जांच के दायरे में
पुलिस ने मौके से गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गगन अग्रवाल (28 वर्ष) और शुभम अग्रवाल उर्फ कालू (30 वर्ष) के रूप में की है। दोनों खरसिया के गंज बाजार क्षेत्र के निवासी हैं।
मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के अलावा सिंडिकेट से जुड़े तीन अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने सभी के खिलाफ संगठित अपराध समेत विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच जारी
जांच एजेंसियां जब्त मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि डिजिटल रिकॉर्ड और लेन-देन की जानकारी के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। साथ ही ऑनलाइन सट्टेबाजी में इस्तेमाल किए गए प्लेटफॉर्म और वित्तीय लेन-देन की भी जांच जारी है।
रायगढ़ पुलिस का कहना है कि आईपीएल और अन्य खेल आयोजनों के दौरान अवैध सट्टेबाजी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे मामलों में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।










