रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी इलाके में प्रस्तावित नए विधायक आवास प्रोजेक्ट (New MLA Housing Project) को लेकर छत्तीसगढ़ में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग बेहद तेज हो गई है। कांग्रेस विधायकों द्वारा प्रोजेक्ट का स्थान बदलने की मांग और स्थानीय लोगों के विस्थापन के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता व पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने विपक्ष पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने साफ कहा कि जमीन का चयन और आवंटन पूरी तरह सरकार का नीतिगत फैसला है, जिस पर कांग्रेस बेवजह राजनीति चमका रही है।
कांग्रेस विधायकों द्वारा स्थान बदलने के लिए मुख्यमंत्री और प्रशासन को लिखे जा रहे पत्रों पर कड़ा रुख अपनाते हुए विधायक अजय चंद्राकर ने कहा, “पूरी कांग्रेस पार्टी भी अगर इसके खिलाफ चिट्ठी लिख दे, तो उससे कोई फर्क नहीं पड़ता। जमीन का चयन और आवंटन करना पूरी तरह से राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र का हिस्सा है।”
विपक्ष की मंशा पर सवाल उठाते हुए उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि कांग्रेस के विधायक आर्थिक रूप से पूरी तरह सक्षम हैं। अगर उन्हें सरकार द्वारा बनाए जा रहे नए आवासों में नहीं रहना है, तो वे सीधे तौर पर मना कर दें और वहां रहने न जाएं, लेकिन विकास कार्यों में अड़ंगा न डालें।
एक तरफ जहां चंद्राकर ने विपक्ष को घेरा, वहीं दूसरी तरफ विस्थापित हो रहे ग्रामीणों के प्रति संवेदनशीलता भी दिखाई। उन्होंने स्वीकार किया कि इस परियोजना के कारण कुल 85 परिवार प्रभावित हो रहे हैं।
बड़ा सुझाव: अजय चंद्राकर ने सरकार और प्रशासन से आग्रह किया कि अगर प्रभावित लोग तय किए गए पुनर्वास पैकेज या व्यवस्था से संतुष्ट नहीं हैं, तो अधिकारियों को उनके साथ बैठकर सीधे संवाद करना चाहिए। चर्चा के जरिए एक सम्मानजनक और उचित रास्ता निकाला जाना चाहिए ताकि किसी भी गरीब का नुकसान न हो।
अजय चंद्राकर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि क्या कांग्रेस ने इस बात का कोई जमीनी सर्वे कराया है कि वहां प्रभावित होने वाले 85 लोग असल में कितनी जमीन पर काबिज थे?
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के स्थानीय नेता बिना किसी आंकड़े और अध्ययन के इस विवाद में कूद पड़े हैं। चंद्राकर ने चुनौती देते हुए कहा, “क्या कांग्रेस के नेता सार्वजनिक रूप से यह घोषणा करेंगे कि इन प्रभावित लोगों को मुआवजे के तौर पर कुल 35 एकड़ जमीन दी जानी चाहिए?”
विपक्षी दल पर तंज कसते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस के पास जनता के बीच जाने के लिए अब कोई वास्तविक मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपने शासनकाल के दौरान कांग्रेस ने जलस्रोतों को नुकसान पहुंचाकर तालाबों के भीतर तक पट्टे बांटने का काम किया था और आज वही पार्टी व्यवस्थित विकास का विरोध कर रही है। उन्होंने स्थानीय जनता से अपील की कि वे कांग्रेस के फैलाए भ्रम में न आएं, सरकार वार्ता के जरिए इस मुद्दे का स्थायी समाधान निकालेगी।










