रायपुर। छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती को लेकर डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन अब तेज होता जा रहा है। गुरुवार को राजधानी रायपुर में आंदोलनरत अभ्यर्थी अपने परिजनों के साथ शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले पहुंच गए। यहां परिसर के अंदर बैठकर उन्होंने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। अभ्यर्थियों की मांग है कि 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए और सरकार नियुक्ति की निश्चित तारीख घोषित करे।
शिक्षा मंत्री के बंगले में परिवार के साथ धरने पर बैठे अभ्यर्थी
गुरुवार को बड़ी संख्या में डीएड अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के बंगले पहुंचे। अभ्यर्थी अपने परिवार के सदस्यों के साथ बंगले के परिसर में बैठ गए और नियुक्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति को लेकर अब तक कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की गई है। लंबे समय से इंतजार कर रहे अभ्यर्थी अब सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग कर रहे हैं।
321 दिनों से जारी है आंदोलन
डीएड अभ्यर्थी पिछले 321 दिनों से सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि इतने लंबे समय से प्रदर्शन करने के बावजूद नियुक्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए। साथ ही सरकार की ओर से स्पष्ट समय-सीमा तय कर नियुक्ति की निश्चित तारीख सार्वजनिक की जाए।
बंगले के बाहर पहुंचा पुलिस बल, SDM ने संभाली स्थिति
शिक्षा मंत्री के बंगले में धरना शुरू होने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। इसके साथ ही एसडीएम समेत प्रशासनिक अधिकारी भी वहां पहुंचे और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से बातचीत शुरू की।
पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अभ्यर्थियों तथा उनके परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव बंगले में मौजूद नहीं थे।
नियुक्ति की तारीख घोषित होने तक प्रदर्शन जारी रखने की मांग
प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बावजूद अभ्यर्थी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। फिलहाल शिक्षा मंत्री के बंगले के परिसर में धरना जारी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक 2300 सहायक शिक्षक पदों पर नियुक्ति को लेकर निश्चित तारीख घोषित नहीं की जाती, तब तक उनकी मांग बनी रहेगी।









