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सामाजिक बहिष्कार ने तोड़ी इंसानियत की हदें, श्मशान में जगह नहीं मिली तो पति ने बाड़ी में दफनाया पत्नी का शव

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने न सिर्फ पुलिस प्रशासन को हैरान कर दिया, बल्कि हमारे समाज के खोखलेपन को भी उजागर कर दिया है। जिले के बोरई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले आमानारा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने एक खेत (बाड़ी) में ताजी खुदी हुई कब्र देखी।

गांव में यह अफवाह तेजी से फैल गई कि 30 मई से लापता महिला बिंदा बाई की हत्या कर दी गई है और शव को छुपाने के लिए यहां दफनाया गया है। लेकिन जब पुलिस ने इस रहस्य की कड़ियों को जोड़ा, तो जो सच सामने आया वो किसी भी संवेदनशील इंसान को भीतर तक झकझोर कर रख देगा।


अफवाहों के बीच पुलिस की एंट्री, अस्पताल के रिकॉर्ड से खुला राज

खेत में कब्र मिलने के बाद गांव में दहशत और तनाव का माहौल था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बोरई थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने सबसे पहले जिला अस्पताल के रिकॉर्ड खंगाले, जहां एक चौंकाने वाला सच सामने आया।

दरअसल, मृतका बिंदा बाई लापता नहीं हुई थीं। उनकी तबीयत खराब होने के कारण उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान 30 मई को उनकी मौत हो गई थी। अस्पताल के आधिकारिक दस्तावेजों से यह साफ हो गया कि महिला की मौत पूरी तरह प्राकृतिक (बीमारी के कारण) थी और हत्या की आशंका पूरी तरह निराधार थी।


5 साल से झेल रहे थे सामाजिक बहिष्कार का दंश

पुलिस जांच में जो सबसे दर्दनाक पहलू सामने आया, वो था इस परिवार का अकेलापन। मृतका का परिवार पिछले करीब 5 वर्षों से गांव में सामाजिक बहिष्कार का शिकार था। सामाजिक बहिष्कार की वजह सिर्फ इतनी थी कि मृतका का पति दो पत्नियों के साथ रहता था। इस बात से नाराज समाज ने परिवार को हुक्का-पानी बंद कर खुद से पूरी तरह अलग-थलग कर दिया था।


श्मशान में नहीं मिली जगह, घर के पीछे ही देना पड़ा ‘कफन-दफन’

सामाजिक बहिष्कार का असर इस कदर हावी था कि मौत के बाद भी इस परिवार को समाज का सहारा नहीं मिला। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ गांव के सार्वजनिक श्मशान घाट में महिला का अंतिम संस्कार करना मुमकिन नहीं था।

अकेलेपन और मजबूरी के इस दौर में, बेबस पति ने किसी विवाद या मिन्नतें करने के बजाय अपनी पत्नी के शव को अपने ही घर के पीछे स्थित बाड़ी (खेत) में सम्मानपूर्वक दफना दिया। यही वह कब्र थी जिसे देखकर ग्रामीणों ने हत्या की अफवाह फैला दी थी।


पुलिस ने शांत कराया मामला, नहीं निकाला जाएगा शव

धमतरी पुलिस ने साफ कर दिया है कि अस्पताल के रिकॉर्ड और मृत्यु प्रमाण पत्र दुरुस्त हैं, इसलिए शव को दोबारा बाहर निकालने (Exhumation) की कोई जरूरत नहीं है। पुलिस इस मामले में कानूनी और दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर रही है। पुलिस की इस त्वरित जांच और खुलासे के बाद ग्रामीणों के बीच फैला तनाव और हत्या का भ्रम अब पूरी तरह शांत हो चुका है।

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