सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्रियों जे.पी. नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर अपनी भूख हड़ताल खत्म करने के लिए शर्त रखी है.वांगचुक ने मांग की कि आंदोलन में शामिल युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी या प्रतिशोधात्मक कार्रवाई न की जाए. इसके अलावा उनकी शर्त है कि संसद में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सार्थक चर्चा होनी चाहिए, जिसमें शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करना भी शामिल है.
वांगचुक ने परीक्षा पेपर लीक से जुड़े आत्महत्या मामलों में पीड़ित परिवारों को पर्याप्त मुआवजा देने और संसद में जवाबदेही सुनिश्चित करने की बात दोहराई.उन्होंने कहा कि ‘चलो संसद’ मार्च शांतिपूर्ण रहा, लेकिन पुलिस की कार्रवाई पर उन्होंने चिंता जताई.उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार से ठोस आश्वासन मिलने पर ही वो अपनी भूख हड़ताल खत्म करेंगे, वरना उनकी हड़ताल अनिश्चितकाल तक जारी रहेगी.









