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भरोसेमंद कर्मचारी ने कार व्यवसायी को लगाया 58 लाख का चूना, 8 गाड़ियों की डील में किया खेल, FIR दर्ज

धमतरी/कुरुद। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के कुरुद थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहाँ सेकंड हैंड (पुरानी) गाड़ियों का कारोबार करने वाले एक व्यवसायी के साथ उसके ही सबसे भरोसेमंद कर्मचारी ने 58 लाख रुपये की भारी-भरकम ठगी को अंजाम दिया है। आरोपी कर्मचारी लाखों रुपये अपने निजी खाते में ट्रांसफर कराने के बाद से फरार है। पीड़ित व्यवसायी की शिकायत पर कुरुद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

पहले जीता विश्वास, फिर बुना ठगी का जाल

पीड़ित कार व्यवसायी के अनुसार, आरोपी कर्मचारी शिवम रजक लंबे समय से उसके पास काम कर रहा था। अपने अच्छे व्यवहार और ईमानदारी का नाटक कर उसने मालिक का अटूट विश्वास जीत लिया था। व्यवसायी उस पर इतना भरोसा करने लगा था कि व्यापार से जुड़े कई महत्वपूर्ण काम उसे सौंप दिए गए थे। इसी भरोसे का फायदा उठाकर शिवम ने फाइनेंस वाली गाड़ियों की खरीद-बिक्री के नाम पर धोखाधड़ी का एक शातिर प्लान तैयार किया।

8 गाड़ियों का एग्रीमेंट और 58 लाख रुपये का हेरफेर

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी शिवम रजक ने अलग-अलग 8 गाड़ियों की खरीद-बिक्री की डील तय की। इस दौरान उसने बड़ी चालाकी से सारे एग्रीमेंट अपने मालिक के नाम पर ही करवाए। उसने मालिक को यह कहकर झांसे में लिया कि फाइनेंस की जो भी किस्तें (EMIs) होंगी, उन्हें वह खुद जमा करा देगा, इसलिए पेपरवर्क मालिक के नाम पर होना सुरक्षित रहेगा। इसी कागजी हेरफेर और झांसे की आड़ में उसने विभिन्न सौदों का कुल 58 लाख रुपये अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर करवा लिए।

रकम हाथ लगते ही हुआ रफूचक्कर

जैसे ही आठों गाड़ियों की पूरी रकम शिवम के बैंक खाते में जमा हुई, वह अचानक कुरुद से गायब हो गया। व्यवसायी ने जब उसे ढूंढने का प्रयास किया और उसका मोबाइल बंद मिला, तब जाकर उसे शक हुआ। जब बैंक खातों और गाड़ियों के कागजातों की बारीकी से जांच की गई, तो 58 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ। इसके बाद पीड़ित व्यवसायी ने तुरंत कुरुद थाना पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज

कुरुद थाना पुलिस ने शिकायत की प्रारंभिक जांच और बैंक ट्रांजैक्शन की पुष्टि करने के बाद आरोपी शिवम रजक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318 (धोखाधड़ी) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।

पुलिस का बयान:

कुरुद पुलिस के मुताबिक, आरोपी की धरपकड़ के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया है और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

जांच के घेरे में कई अहम सवाल

इस हाई-प्रोफाइल ठगी के सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि 8 अलग-अलग सौदों में इतनी बड़ी रकम (58 लाख रुपये) कर्मचारी के खाते में ट्रांसफर होती रही और व्यवसायी को समय रहते इसकी भनक क्यों नहीं लगी? पुलिस अब आरोपी के बैंक स्टेटमेंट खंगालने के साथ-साथ इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस धोखाधड़ी में कोई और भी शामिल है।

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