रायपुर। राजधानी रायपुर के पास तूता गांव में 36 परिवारों को मिले मकान तोड़ने के नोटिस के बाद मचे हड़कंप पर अब नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण (NRDA) ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। प्राधिकरण ने ग्रामीणों और आम जनता को आश्वस्त करते हुए कहा है कि वर्तमान में गांव में किसी भी प्रकार की विस्थापन या बेदखली की कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है। यह केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है।
एनआरडीए (NRDA) ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राम तूता में अतिक्रमण को लेकर पिछले काफी समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। खुद ग्राम पंचायत की ओर से भी समय-समय पर गांव के विभिन्न सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाने के संबंध में प्राधिकरण को पत्र लिखे गए थे।
प्राधिकरण के अनुसार, इन्हीं शिकायतों और पत्रों को आधार मानकर नियमानुसार स्थल निरीक्षण (Ground Inspection) कराया गया था। जांच के बाद ही संबंधित पक्षों को प्राथमिक स्तर पर ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए गए हैं।
विवाद को बढ़ता देख 2 जुलाई 2026 को तूता गांव के प्रतिनिधियों और समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने एनआरडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) से मुलाकात की। इस बैठक में दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण माहौल में विस्तृत चर्चा हुई।
बैठक में बनी सहमति: बैठक के दौरान यह तय हुआ है कि गांव में जल्द ही सभी पक्षों की एक संयुक्त बैठक (Joint Meeting) आयोजित की जाएगी, ताकि आम सहमति बनाई जा सके। इसके बाद प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ दोबारा बातचीत कर लोकहित में एक उचित और सम्मानजनक समाधान निकाला जाएगा।
एनआरडीए ने साफ शब्दों में कहा है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य किसी भी व्यक्ति या गरीब परिवार के साथ अन्याय करना नहीं है, बल्कि कानून के दायरे में रहकर सार्वजनिक हित की रक्षा करना है। प्राधिकरण ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया है कि आगे जो भी निर्णय लिए जाएंगे, वे पूरी संवेदनशीलता के साथ और नियमों के अनुरूप ही होंगे, ताकि विकास कार्यों के साथ-साथ स्थानीय लोगों के हितों का भी पूरा ध्यान रखा जा सके।
नकटी गांव की घटना के बाद उपजे तनाव के बीच एनआरडीए के इस आधिकारिक बयान से तूता गांव के डरे हुए ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।








