नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के भरंडा गांव में धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर उपजा तनाव फिलहाल प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद शांत होता नजर आ रहा है। मंगलवार सुबह शुरू हुआ विवाद देर रात तक चला, जहां करीब 12 घंटे की लगातार चर्चा और वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति का रास्ता निकला।
जानकारी के अनुसार, गांव में आदिवासी समुदाय और ईसाई धर्म अपनाने वाले परिवारों के बीच लंबे समय से मतभेद की स्थिति बनी हुई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीएम मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ कई दौर की बातचीत की।
बैठक के दौरान धर्मांतरित परिवारों को एक माह का समय दिए जाने पर सहमति बनी, जिसके बाद दिनभर चला गतिरोध समाप्त हुआ। हालांकि गांव में अभी भी तनाव का माहौल बना हुआ है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
बताया जा रहा है कि लगभग 26 धर्मांतरित परिवारों ने आरोप लगाया है कि उन्हें गांव छोड़ने के लिए कहा जा रहा है और पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाज अपनाने का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं आदिवासी समुदाय का कहना है कि गांव में रहने वाले सभी लोगों को स्थानीय परंपराओं, देवी-देवताओं और सांस्कृतिक मान्यताओं का सम्मान करना चाहिए।
पूरे घटनाक्रम के दौरान गांव में भारी पुलिस बल तैनात रहा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।










