राज्य शिक्षा आयोग के फर्जी आदेश का सहारा लेकर सरकारी नौकरी करने वाले चार जिले और चार मोहला मानपुर जिले के कर्मचारियों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने एफआईआर दर्ज की है। यह खुलासा अगस्त 2025 में हरिभूमि समाचार में प्रकाशित रिपोर्ट के बाद हुआ।
जानकारी के अनुसार, 2021 में टीकम चंद साहू, फगेंद्र सिंहा, रजिया अहमद और अजहर अहमद जिले की विभिन्न शालाओं में सहायक ग्रेड 3 और डाटा एंट्री ऑपरेटर के पदों पर कार्यरत थे। वहीं, मोहला मानपुर जिले में डोलामणी मटारी, शादाब उस्मान, आशुतोष कछवाहा और अमीन शेख समान पदों पर नियुक्त थे।
जांच में पता चला कि सभी की नियुक्ति राज्य शिक्षा आयोग के सचिव डॉ. ओपी मिश्रा के आदेशों के नाम पर फर्जी लेटर के आधार पर की गई थी। आयोग द्वारा सितंबर 2021 में जारी पत्र के आधार पर शिक्षा विभाग ने मई 2022 में सभी को पदस्थ किया था। कुछ कर्मचारियों को हाई स्कूल और डीईओ कार्यालय सहित अन्य शाखाओं में काम पर रखा गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन कर्मचारियों के दस्तावेज और नियुक्ति आदेश सत्यापित नहीं थे। पांच में से चार कर्मचारियों ने विभाग द्वारा दिए गए पदस्थापना आदेशों के बावजूद काम करना जारी रखा। अंततः विभाग ने अगस्त 2025 में पूरी जांच और प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी।
शिक्षा विभाग का कहना है कि ऐसे फर्जी नियुक्तियों के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और नियमों के तहत दोषियों को दंडित किया जाएगा।










