कोरबा। छत्तीसगढ़ में गरीबों के लिए बनी आवास योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का मामला सामने आया है। राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने करीब 79 लाख रुपये के गबन के मामले में कियोस्क संचालक गौरव शुक्ला को गिरफ्तार किया है।
इंदिरा आवास योजना की राशि में हेराफेरी
यह पूरा मामला इंदिरा आवास योजना से जुड़ा है, जिसके तहत गरीब हितग्राहियों को आवास के लिए राशि दी जाती थी। जांच में सामने आया कि वर्ष 2010-11 में विभिन्न गांवों के लिए जारी राशि को आरोपित ने हड़प लिया।
बैंक सिस्टम का दुरुपयोग कर की धोखाधड़ी
आरोपी गौरव शुक्ला, जो बैंक ऑफ इंडिया की कोरबा शाखा में कियोस्क संचालक था, ने निष्क्रिय खातों को सक्रिय कर बैंक कर्मचारियों की आईडी का दुरुपयोग किया।
उसने हितग्राहियों के आधार नंबर हटाकर अपने और अपने परिवार के आधार नंबर जोड़ दिए और बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिए पैसे अपने खातों में ट्रांसफर करता रहा।
620 बार की गई फर्जी एंट्री
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी ने करीब 10 अलग-अलग स्टाफ आईडी का इस्तेमाल कर 620 से अधिक बार आधार जोड़ने और ट्रांजेक्शन की प्रक्रिया को अंजाम दिया। कई लेन-देन बिना उचित दस्तावेज सत्यापन के किए गए।
सिस्टम की खामियों का उठाया फायदा
रिपोर्ट के अनुसार आरोपी ने बैंकिंग सॉफ्टवेयर की कमजोरियों का फायदा उठाया, जिसमें बिना आधार सत्यापन और ऑटो लॉगआउट जैसी सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी शामिल थी।
कोर्ट ने भेजा रिमांड पर
मामले में गिरफ्तार आरोपी को विशेष न्यायालय कोरबा ने 21 अप्रैल 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। फिलहाल जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं।









