रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर आज ‘नारी शक्ति’ के नारों और आक्रोश से गूंज उठी। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर विपक्ष के अड़ियल रुख के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी ने आज विशाल ‘जनआक्रोश रैली’ निकाली। भाजपा महिला मोर्चा के नेतृत्व में निकली यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए विरोध का बड़ा केंद्र बनी।
इंडोर स्टेडियम से सुभाष स्टेडियम तक हुंकार
यह जनआक्रोश यात्रा बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम से शुरू होकर सुभाष स्टेडियम पहुंची। रैली में हजारों की संख्या में महिला कार्यकर्ता शामिल हुईं, जिनके हाथों में तख्तियां और विपक्ष के खिलाफ नारे थे। यात्रा के समापन पर एक विशाल जनसभा का आयोजन किया गया, जहां बीजेपी के दिग्गज नेताओं ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।
दिग्गजों का जमावड़ा
रैली में छत्तीसगढ़ की पूरी सरकार और संगठन की ताकत नजर आई। इस दौरान मुख्य रूप से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, डिप्टी सीएम: अरुण साव, कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, सांसद रूपकुमारी चौधरी, कमलेश जांगड़े और राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा उपस्थित रहे.
“महिला विरोधी है इंडी गठबंधन”
सभा को संबोधित करते हुए राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा ने तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल को रोकने की कोशिश कर इंडी महागठबंधन ने अपना असली चेहरा दिखा दिया है। यह गठबंधन पूरी तरह से ‘महिला विरोधी’ है और आज सड़कों पर जो भीड़ दिख रही है, वह देश की महिलाओं का वही आक्रोश है जिसे विपक्ष भांप नहीं पा रहा है।
2026 के चुनावी समीकरणों पर असर
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बीजेपी इस मुद्दे के जरिए महिला वोट बैंक को सीधे तौर पर लामबंद कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया है कि छत्तीसगढ़ में ‘महतारी वंदन’ के बाद अब ‘आरक्षण’ को बीजेपी एक बड़ा चुनावी हथियार बनाने जा रही है।









