जब आप ये खबर पढ़ रहे हैं, उस वक्त कहीं कोई कॉकरोच नाली, किचन और बाथरूम की गहराइयों में पड़ा होगा… सुस्ता रहा होगा या खाने पीने का जुगाड़ कर रहा होगा, हो सकता है स्प्रे का शिकार हो गया हो या चप्पल से कुचल दिया गया हो… इन सबके बीच जो कॉकरोच जिंदा होंगे, उन्हें ये भी नहीं पता होगा कि इंसानों की दुनिया की जो गंदगी उसके लिए जन्नत है, उसी दुनिया में उसके नाम पर Cockroach Janta Party पार्टी बन गई है. पार्टी भी ऐसी जो डिजिटल प्लेटफॉर्म से लेकर सत्ता के गलियारों तक सुर्खियों में है. इसके फाउंडर 30 साल के अभिजीत दीपके हैं. पार्टी के फॉलोअर्स की संख्या मिलियंस में है और तेजी से बढ़ भी रही है. इस पार्टी के सनसनी बनने के पीछे एक दिलचस्प कहानी है. सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की युवाओं को लेकर की गई कॉकरोच वाली टिप्पणी के बाद ये Cockroach Janta Party (CJP) सुर्खियों में है. अब आइए जानते हैं कि इस पार्टी का मकसद क्या है? इसका विजन क्या है? इसका मेनिफेस्टो क्या है?
सबसे पहले बात करते हैं Cockroach Janta Party के विजन की. इसकी वेबसाइट के मुताबिक, ये पार्टी उन युवाओं के लिए है जिन्हें अक्सर आलसी, हर समय ऑनलाइन रहने वाला और हाल ही में ‘कॉकरोच’ कहकर बुलाया गया. बस यही है हमारा मिशन है. इस पार्टी के मेनिफेस्टो में 5 पॉइंट हैं. जिसमें पहला है- अगर CJP सत्ता में आती है तो किसी भी मुख्य न्यायाधीश को रिटायरमेंट के बाद राज्यसभा की सीट नहीं दी जाएगी.
मतदान का अधिकार छीनना आतंकवाद से कम नहीं
मेनिफेस्टो में आगे कहा गया है- अगर कोई वैध वोट हटा दिया जाता है चाहे वह CJP शासित राज्य में हो या विपक्ष शासित राज्य में तो CEC को UAPA के तहत गिरफ़्तार किया जाएगा, क्योंकि नागरिकों के मतदान का अधिकार छीनना आतंकवाद से कम नहीं है. इसके साथ ही संसद की सदस्य संख्या बढ़ाए बिना महिलाओं को 33% के बजाय 50% आरक्षण दिया जाएगा. इसके अलावा सभी कैबिनेट पदों में से 50% पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे.
इतना ही नहीं आगे कहा गया है कि कोई भी विधायक या सांसद जो एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में जाता है उसे 20 साल की अवधि के लिए चुनाव लड़ने और कोई भी सार्वजनिक पद लेने से प्रतिबंधित किया जाएगा. Cockroach Janta Party जॉइन करने वालों के लिए कुछ अतरंगी से नियम भी बनाए गए हैं.
पार्टी जॉइन करने वालों से धर्म या जाति नहीं पूछी जाएगी
सबसे पहले कहा गया है कि पार्टी जॉइन करने वालों से धर्म या जाति नहीं पूछी जाएगी. बेरोजगार, आलसी, हर वक्त ऑनलाइन रहने वाले और पेशेवर तरीके से भड़ास निकालने वाले पार्टी जॉइन कर सकते हैं. बेरोजगारों से ये नहीं पूछा जाएगा कि वो मजबूरी से, मर्जी से या उसूलों की खातिर बेरोजगार हैं. इसके साथ ही किस तरह के आलसी पार्टी जॉइन कर सकते हैं, इसे भी डिफाइन किया गया है.
जिसमें कहा गया है कि केवल शारीरिक रूप से आलसी होना चाहिए. दिमाग लगातार दौड़ता रहना चाहिए. इसके अलावा हर समय ऑनलाइन का मतलब कम से कम 11 घंटे रोज, जिसमें बाथरूम ब्रेक शामिल है. पेशेवर अंदाज में भड़ास निकालने वालों में वो लोग शामिल हैं जो जिनका कंटेंट तीखा, खरा और किसी ऐसी बात की ओर इशारा करता हो जो मायने रखता हो.
हवा में है पार्टी का ‘हेडक्वार्टर’
कॉकरोच पार्टी ने अपनी वेबसाइट पर हेडक्वार्टर के आगे लिखा है- जहां भी वाई-फाई काम करता है. यानी कि कोई स्थायी पता नहीं बल्कि आईपी एड्रेस ही इसका पिनकोड है और यही इसका दफ्तर. कुलमिलाकर कॉकरोच पार्टी का मकसद एक ऐसा प्लेटफॉर्म बनाना है जहां उसका ‘कॉकरोच ग्रुप’ परिवर्तन की इबारत लिख सके. हालांकि, ये कितना आसान होगा ये तो आने वाला वक्त बताएगा. फिलहाल, बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इससे जुड़ रहे हैं.
कौन हैं अभिजीत दीपके?
अभिजीत ने महाराष्ट्र के पुणे शहर से पत्रकारिता की पढ़ाई की है. इसके बाद की पढ़ाई के लिए वो अमेरिका गए, जहां उन्होंने बोस्टन यूनिवर्सिटी से पीआर में पोस्ट ग्रेजुएशन किया. वे डिजिटल स्टोरी-मेकिंग में माहिर हैं. अभिजीत पेशे से पॉलिटिकल कम्युनिकेशन स्ट्रैटेजिस्ट हैं. वे राजनीतिक दलों के लिए डिजिटल स्ट्रैटेजी बनाते हैं. वो इंटरनेट पर किसी भी मुद्दे को उठाने और सुर्खियों में लाने में माहिर हैं.










