रायपुर। माल एवं सेवा कर आसूचना महानिदेशालय (DGGI) की रायपुर जोनल यूनिट ने फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) रैकेट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब एक साल से फरार चल रहे आरोपी अभिषेक पाठक को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पर करोड़ों रुपये के फर्जी GST लेन-देन और ITC घोटाले में शामिल होने का आरोप है।
जांच एजेंसी के अनुसार, अभिषेक पाठक मेसर्स समृद्धि ट्रेडिंग का संचालक है और लंबे समय से जांच एजेंसियों की गिरफ्त से बाहर था। वह न्यायालय द्वारा जारी नोटिसों की भी लगातार अवहेलना कर रहा था। डीजीजीआई अधिकारियों ने शाहजहांपुर स्थित उसके निवास पर कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया और ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया।
16 करोड़ से अधिक के फर्जी ITC घोटाले का खुलासा
अब तक की जांच में अभिषेक पाठक से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से लगभग 16 करोड़ 2 लाख रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट घोटाले का खुलासा हुआ है। प्रारंभिक साक्ष्यों के आधार पर उसकी भूमिका पूरे नेटवर्क के प्रमुख संचालकों में से एक के रूप में सामने आई है।
जांच में पाया गया कि समृद्धि ट्रेडिंग के जरिए लगभग 4 करोड़ 87 लाख रुपये का फर्जी ITC प्राप्त किया गया, जबकि 5 करोड़ 33 लाख रुपये का फर्जी ITC विभिन्न फर्मों को आगे पास किया गया।
ख्याति इंटरप्राइसेस से भी जुड़े तार
डीजीजीआई की जांच में यह भी सामने आया कि अभिषेक पाठक का संबंध M/s Khyati Enterprises से था और वह उसके संचालन एवं फर्जी ITC नेटवर्क के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। जांच एजेंसी के मुताबिक, ख्याति इंटरप्राइसेस ने भी लगभग 11 करोड़ 14 लाख रुपये का फर्जी ITC प्राप्त कर अन्य फर्मों को ट्रांसफर किया।
न्यायिक हिरासत में भेजा गया आरोपी
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया गया। रायपुर लाने के बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायालय ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में डीजीजीआई रायपुर इससे पहले अमन सिंह नामक एक अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है, जो वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। जांच एजेंसी को इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों और फर्मों के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियां तथा बड़े खुलासे हो सकते हैं।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई डीजीजीआई रायपुर के प्रधान अतिरिक्त महानिदेशक सुमित मलिक के 18 मई 2026 को पदभार ग्रहण करने के बाद की गई पहली बड़ी गिरफ्तारी मानी जा रही है। मामले की जांच अभी जारी है।









