बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर के तोरवा क्षेत्र से एक बेहद दिल दहला देने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई है। तोरवा के हेमूनगर स्थित एक किराए के मकान में शनिवार सुबह एक दंपति मृत अवस्था में पाए गए। कमरे के भीतर पत्नी की खून से लथपथ लाश मिली, जिसके गले पर कुल्हाड़ी से वार के निशान हैं। वहीं, बगल में ही पति का शव फांसी के फंदे पर लटकता मिला। इस खूनी वारदात ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।
तोरवा थाना प्रभारी रजनीश सिंह से मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 5 से 6 बजे के बीच जब पड़ोसियों को घर में कोई हलचल महसूस नहीं हुई, तो उन्हें किसी अनहोनी की आशंका हुई। मकान मालिक और पुलिस को तुरंत इसकी सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने परिजनों की मौजूदगी में जब दरवाजा तोड़ा, तो अंदर का खौफनाक मंजर देखकर सबके होश उड़ गए।
घर के एक हिस्से में पति अशोक देवांगन (52) का शव फंदे से लटक रहा था, जबकि दूसरे हिस्से में पत्नी धनेश्वरी देवांगन (49) की लाश पड़ी हुई थी। महिला के गले पर कुल्हाड़ी से कई घातक वार किए गए थे।
मकान के भीतर के हालात और शवों की स्थिति को देखते हुए पुलिस को प्रारंभिक जांच में आशंका है कि पति अशोक देवांगन ने ही पहले किसी विवाद में अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी मारकर बेरहमी से हत्या की और उसके बाद खुद फांसी के फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही साफ हो पाएगी।
जांच में सामने आया है कि अशोक देवांगन सब्जी बेचने का काम करता था। पिछले कुछ दिनों से वह काम पर भी नहीं जा रहा था और ज्यादातर समय घर पर ही रहता था। पुलिस अब इस खूनी अंजाम के पीछे आर्थिक तंगी, व्यवसाय में घाटा, गंभीर पारिवारिक विवाद या मानसिक तनाव जैसे सभी संभावित कोणों से तफ्तीश कर रही है। घटनास्थल से फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटा लिए हैं और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
इस पूरी वारदात का सबसे दर्दनाक और संवेदनशील पहलू यह है कि घटना के वक्त दंपति के दो मासूम बच्चे भी उसी घर के भीतर मौजूद थे, जिन्हें एक दूसरे कमरे में बंद करके रखा गया था।
मासूम गहरे सदमे में: पुलिस ने बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। माता-पिता को इस हाल में खोने के बाद दोनों बच्चे गहरे मानसिक सदमे में हैं। पुलिस प्रशासन और परिजन मिलकर बच्चों की काउंसिलिंग कराने की तैयारी कर रहे हैं।
चूंकि आशंका है कि बच्चों ने रात के वक्त कुछ देखा या सुना हो सकता है, इसलिए पुलिस बेहद सावधानी और मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञों की मदद से बच्चों से पूछताछ करने की कोशिश कर रही है ताकि घटना की सही कड़ियों को जोड़ा जा सके।










