बलौदाबाजार: छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार में 10 जून 2024 को हुई ऐतिहासिक तोड़फोड़ और आगजनी की घटना में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। जिला पुलिस ने छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अजय यादव और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के सह सचिव दिनेश वर्मा (मंडल) को रायपुर से गिरफ्तार किया है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों को 13 जनवरी तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
छावनी में बदला बलौदाबाजार, SWT तैनात
गिरफ्तारी के बाद किसी भी संभावित विरोध या अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने बलौदाबाजार सिटी कोतवाली और सिविल लाइन क्षेत्र को किले में तब्दील कर दिया है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए डीएसपी और निरीक्षक स्तर के अधिकारियों सहित 100 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं। किसी भी उपद्रव से निपटने के लिए विशेष हथियार टीम (SWT) को अलर्ट पर रखा गया है। सिटी कोतवाली के अपराध क्रमांक 378/2024 के तहत यह कार्रवाई की गई है। इस मामले में अब तक कुल 198 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस का दावा: साक्ष्यों के आधार पर हुई कार्रवाई
बलौदाबाजार-भाटापारा एसपी भावना गुप्ता ने स्पष्ट किया कि 2024 की हिंसा और आगजनी में इस संगठन से जुड़े व्यक्तियों की संलिप्तता के तकनीकी और संरचनात्मक साक्ष्य मिले हैं। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा और किसी भी दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा।
विपक्ष और वकील के गंभीर आरोप
इधर, छत्तीसगढ़ क्रांति सेना ने इस कार्रवाई को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताया है। संगठन का आरोप है कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर सरकार दमनकारी नीतियां अपना रही है।
आरोपियों के वकील ने पुलिसिया दावों पर सवाल उठाते हुए कहा- “पुलिस का यह कहना कि आरोपी लंबे समय से फरार थे, तथ्यात्मक रूप से गलत है। दोनों नेता सार्वजनिक कार्यक्रमों में लगातार शामिल हो रहे थे और उन्हें आज धरना स्थल से ही उठाया गया है। गिरफ्तारी की विधिवत सूचना परिजनों को नहीं दी गई, जिसके खिलाफ हमने लोअर कोर्ट में आवेदन लगाया है।”
क्या था मामला?
10 जून 2024 को बलौदाबाजार में एक प्रदर्शन के दौरान उग्र भीड़ ने कलेक्टरेट और एसपी कार्यालय परिसर में आगजनी और तोड़फोड़ की थी। इस घटना में करोड़ों की सरकारी संपत्ति का नुकसान हुआ था, जिसकी जांच अब भी जारी है।










