रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के रायपुर जोनल ऑफिस ने भारतमाला परियोजना मुआवजा घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने आरोपियों की 12.78 करोड़ रुपए की संपत्ति अस्थायी रूप से अटैच की है। इसमें 4.69 करोड़ रुपए के शेयर और म्यूचुअल फंड होल्डिंग्स भी शामिल हैं।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जय प्रकाश गांधी समेत 13 अन्य आरोपियों के खिलाफ विशेष पीएमएलए कोर्ट में अतिरिक्त अभियोजन शिकायत भी दायर की है।
36 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति अटैच
इस मामले में ईडी ने पहले भी कार्रवाई करते हुए नकद 49 लाख रुपए और करीब 89.80 लाख रुपए कीमत की 37 किलो 133 ग्राम चांदी जब्त की थी। इसके अलावा जमीन दलालों के सिंडिकेट की करीब 23.35 करोड़ रुपए की संपत्ति अटैच की गई थी। नई कार्रवाई के बाद इस मामले में कुल अटैच संपत्ति का मूल्य बढ़कर 36.14 करोड़ रुपए हो गया है।
ज्यादा मुआवजे के लिए जमीनों के टुकड़े करने का आरोप
जांच में सामने आया कि जमीन मालिकों, दलालों और राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत से भारतमाला परियोजना के नोटिफिकेशन के बाद जमीनों की खरीद की गई और ज्यादा मुआवजा हासिल करने के लिए जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटा गया। इसमें परिवार के सदस्यों के नाम पर बिक्री विलेख और गिफ्ट डीड के जरिए जमीन हस्तांतरण भी शामिल थे।
56 लाख की जमीन पर मिला 9.83 करोड़ मुआवजा
ईडी के अनुसार, जय प्रकाश गांधी और उनके परिवार को 56.76 लाख रुपए मूल्य की जमीन के बदले करीब 9.83 करोड़ रुपए का मुआवजा मिला। जांच में आरोप है कि इस राशि को कई चरणों में घुमाकर शेयर, म्यूचुअल फंड और अन्य संपत्तियों में निवेश किया गया।
ईडी ने यह भी दावा किया है कि कुछ मामलों में फर्जी दस्तावेजों और गलत राजस्व रिकॉर्ड के जरिए भी मुआवजा हासिल किया गया। मामले की जांच आगे जारी है।









