छत्तीसगढ

BIG BREAKING: जेल में कटेगी वीरेंद्र तोमर की रात, कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर भेजा

सूदखोर वीरेंद्र तोमर को गिरफ्तार करने के बाद रायपुर पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे एक दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। उसे सोमवार को अदालत में पेश किया जाएगा। फिलहाल उसकी रात पुलिस कस्टडी में कटेगी। वह बीते 6 महीने से फरार था।

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जानिए कौन है वीरेंद्र सिंह उर्फ रूबी तोमर
वीरेंद्र सिंह उर्फ रूबी तोमर रायपुर का आदतन अपराधी है। आरोप के अनुसार अपने छोटे भाई रोहित तोमर और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सूदखोरी का काम करता है। आरोपी कर्जदारों से मूलधन से ज्यादा ब्याज वसूलते और पैसे नहीं देने पर मारपीट करते।
वीरेंद्र सिंह तोमर पर पहला मामला 2006 में दर्ज हुआ था। पुलिस ने इसे आदतन अपराधियों की लिस्ट में डाला है। वीरेंद्र के खिलाफ 6 से ज्यादा अलग-अलग थानों में केस दर्ज है। इनमें मारपीट, उगाही, चाकूबाजी, ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट के केस शामिल है।


अब जानिए क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, करीब 5 महीने पहले प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला ने वीरेंद्र के भाई रोहित तोमर के खिलाफ मारपीट का आरोप लगाकर तेलीबांधा थाने में FIR दर्ज कराई थी। FIR के बाद से रोहित तोमर फरार हो गया। रोहित के फरार होने के बाद उसका भाई वीरेंद्र तोमर भी गायब हो गया था।
पुलिस ने वीरेंद्र सिंह तोमर के घर की तलाशी ली तो उसके घर में अवैध हथियार पुलिस को मिला था। पुलिस ने वीरेंद्र सिंह के ऊपर आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी।

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करीबियों के घर से जब्त किया था सोना-दस्तावेज
वीरेंद्र सिंह तोमर और रोहित तोमर की फरारी के बाद पुलिस ने उनका पता लगाने के लिए उनके करीबियों के ठिकानों में रेड मारी थी। पुलिस ने करीबियों के घरों में छापेमारी के दौरान 40 करोड़ से अधिक की रजिस्ट्री के दस्तावेज, साढ़े तीन करोड़ का सोना और 10 लाख की चांदी जब्त की है।

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जांच में बैंक पासबुक, चेक और एटीएम भी मिले हैं। पुलिस को संदेह है कि यह संपत्ति उन लोगों की है, जिन्होंने तोमर ब्रदर्स से सूद पर पैसे लिए थे। बाद में ब्लैकमेलिंग के जरिए उनकी संपत्ति के दस्तावेज कब्जे में ले लिए गए।


महिलाओं के नाम पर ब्लैंक चेक लेते थे तोमर ब्रदर्स

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रोहित और वीरेंद्र जब भी किसी को पैसा देते, चाहे 50 हजार रुपए क्यों न हो। उसके बदले में ब्लैंक चेक लेते थे। उसमें हस्ताक्षर करवाते और अंगूठा भी लगवाते। फिर लोगों को दबाव बनाकर उनकी जमीन, मकान, दुकान और गाड़ी अपने नाम कर लेते।


हाईकोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका


छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी रायपुर में रोहित तोमर और वीरेंद्र तोमर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। हालांकि, दोनों की पत्नियों और भतीजे की अग्रिम जमानत मंजूर की है। सरकारी वकील ने अदालत में तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत का विरोध किया।
सरकारी वकील ने बताया कि दोनों भाइयों का आपराधिक रिकॉर्ड लंबा है और उन पर लगभग 16 मामले दर्ज हैं। सरकारी वकील के तर्क सुनने के बाद हाईकोर्ट ने तोमर बंधुओं की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

वीरेंद्र तोमर के खिलाफ 6 से ज्यादा केस दर्ज
2006 में कारोबारी पर चाकू से हमला
2010 में मारपीट और उगाही
2013 हत्या का मामला
2015 अप्राकृतिक कृत्य का मामला
2016 मारपीट और धमकी
2017 महिला से मारपीट और जान से मारने की धमकी
2019 सूदखोरी, मारपीट, धमकी, धोखाधड़ी, ब्लैकमेलिंग
2025 आर्म्स एक्त के तहत केस दर्ज
रोहित तोमर पर 9 से ज्यादा मामले दर्ज
सूदखोर रोहित तोमर के खिलाफ राजेंद्र नगर, तेलीबांधा, पुरानी बस्ती, कोतवाली और गुढ़ियारी में 9 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। आरोपी सूदखोरी, मारपीट, ब्लैकमेल के मामले में जेल भी जा चुका है। सूदखोर रोहित गोल्डन मैन के नाम से जिले में मशहूर है। रसूखदारी बनी रहे, इसलिए आरोपी अपने गिरोह के साथ समय-समय पर कार्यक्रमों में भी दिखता था।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने रायपुर में ब्लैकमेलिंग और सूदखोरी के केस में हिस्ट्रीशीटर रोहित तोमर और वीरेंद्र तोमर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। वहीं, दोनों की पत्नियों और भतीजे की अग्रिम जमानत मंजूर की है।

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