बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सल विरोधी अभियान के बीच बड़ी सफलता मिली है। ‘पूना मारगेम (पुनर्वास से पुनर्जीवन)’ पहल के तहत 108 माओवादी कैडरों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है। इन सभी नक्सलियों पर कुल 3 करोड़ 95 लाख रुपये का इनाम घोषित था।
डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि सरेंडर करने वालों में 6 डिवीजनल कमेटी मेंबर (DVCM), 3 कंपनी पार्टी कमेटी मेंबर, 19 पीपीसीएम, 23 एरिया कमेटी मेंबर और 55 पार्टी मेंबर शामिल हैं। ये सभी नक्सली बीजापुर, नारायणपुर, बस्तर, कांकेर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों के रहने वाले हैं।
101 हथियार भी किए जमा
गृह मंत्री विजय शर्मा ने बताया कि 108 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के साथ ही 101 हथियार भी जमा किए गए हैं। इनमें 6 एके-47, 1 एके-47 पीएआरजी, 11 इंसास रायफल, 1 कार्बाइन, 5 एसएलआर रायफल और बीजीएल सहित अन्य हथियार शामिल हैं।
3.60 करोड़ नकद और 1 किलो सोना बरामद
उन्होंने बताया कि नक्सलियों से मिली जानकारी के आधार पर बीजापुर में इंद्रावती नदी के पास जमीन में छिपाकर रखा गया एक बड़ा डंप बरामद हुआ है। इस डंप से 3 करोड़ 60 लाख रुपये नकद और करीब 1 किलो सोना बरामद किया गया है।
26 एरिया कमेटी खत्म, 4 पर कार्रवाई जारी
गृह मंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में कुल 30 एरिया कमेटी सक्रिय थीं, जिनमें से 26 को समाप्त कर दिया गया है, जबकि 4 पर अभी कार्रवाई जारी है। उन्होंने दावा किया कि 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है।
इतिहास की सबसे बड़ी डंप बरामदगी
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि जगदलपुर में आयोजित कार्यक्रम में समाज के वरिष्ठ नागरिकों, पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा बलों और जिला प्रशासन की मौजूदगी में इन नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों से मिली सूचनाओं के आधार पर नक्सल विरोधी अभियानों के इतिहास की सबसे बड़ी डंप बरामदगी हुई है।
31 मार्च 2026 की डेडलाइन
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश में नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की है। इसी लक्ष्य के तहत बस्तर में सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहे हैं। एक ओर सुरक्षाबल नक्सलियों के कोर इलाकों में कार्रवाई कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बड़ी संख्या में नक्सली हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौट रहे हैं।








