पश्चिम बंगाल से सकुशल बरामद हुआ बच्चा, पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा
जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में मासूम बच्चे की कथित खरीद-फरोख्त का गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, कुनकुरी थाना क्षेत्र में एक महिला ने अपने करीब 3 माह के बच्चे को कथित तौर पर 1 लाख 80 हजार रुपये में बेच दिया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पश्चिम बंगाल से बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में बच्चे की मां समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
मार्च 2026 में बच्चे को बेचने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 12 अगस्त 2026 को कुनकुरी के ब्लॉक कॉलोनी निवासी लक्ष्मी बाई ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 149/2026 के तहत किशोर न्याय अधिनियम की धारा 81 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(4) एवं 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
विवेचना में पता चला कि यशोदा यादव ने 18 दिसंबर 2025 को बच्चे को जन्म दिया था। आरोप है कि मार्च 2026 में सुकरू आलम उर्फ बंगाली के माध्यम से बच्चे को पश्चिम बंगाल निवासी शेख अलविन के पास 1 लाख 80 हजार रुपये में बेच दिया गया।
पुलिस टीम ने पश्चिम बंगाल से बरामद किया बच्चा
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी सुकरू आलम उर्फ बंगाली को गिरफ्तार कर पूछताछ की। इसके बाद जशपुर के डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम पश्चिम बंगाल रवाना की गई।
वहां शेख अलविन से पूछताछ में बच्चे को खरीदकर अपनी बेटी को देने की बात सामने आई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद किया और उसे सुरक्षित संरक्षण में लिया। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।
मां समेत पांच आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मामले में यशोदा यादव, सुकरू आलम उर्फ बंगाली, शेख अलविन, निर्मला तिर्की और फूलकुंवारी यादव को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को वैधानिक कार्रवाई के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
बच्चे की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी में कुनकुरी थाना प्रभारी निरीक्षक भूपेंद्र सिंह चंद्रा, सहायक उप निरीक्षक नीता कुर्रे, प्रधान आरक्षक अलीका पैंकरा, ढलेश्वर यादव और आरक्षक आलोक तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की विवेचना जारी है।










