अंबिकापुर। सूरजपुर जिले के सोनगरा और खड़गवां के बीच सुखदेवपुर के समीप स्थित वर्षों पुराना पुल बीती रात अचानक धराशायी हो गया। भारी वाहनों के लगातार आवागमन से जर्जर हो चुका पुल बीच से दो हिस्सों में टूट गया। गनीमत रही कि हादसे के दौरान कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ।
पुल टूटने के बाद इलाके के दर्जनों गांवों का संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो गया है। प्रशासन ने फिलहाल पुल को पूरी तरह हटाकर ह्युम पाइप पुलिया बनाने की योजना तैयार की है, ताकि छोटे वाहनों और बाइक का आवागमन जारी रह सके।
एसईसीएल की राशि से हुआ था निर्माण
जानकारी के मुताबिक, प्रतापपुर क्षेत्र के ग्राम पंचायत सुखदेवपुर में फुलझर नदी के सुखाड़ नाला पर इस पुल का निर्माण वर्ष 2015-16 में कराया गया था। पुल निर्माण के लिए राशि SECL द्वारा दी गई थी, जबकि निर्माण एजेंसी सेतु निगम थी।
यह पुल मुख्य रूप से महान-3 क्षेत्र से निकलने वाले कोयला परिवहन के लिए उपयोग किया जाता था। इसके अलावा सोनगरा से बोझा होते हुए धरमपुर तक जाने वाले इस मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों ग्रामीणों का आवागमन भी होता था।
लगातार भारी वाहनों से जर्जर हुआ पुल
स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार भारी कोयला वाहनों के गुजरने से पुल काफी कमजोर हो चुका था। क्षेत्रवासी लंबे समय से पुल की मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। आखिरकार बीती रात पुल अचानक टूटकर दो हिस्सों में बंट गया।
बारिश में बढ़ेंगी परेशानियां
पुल गिरने के बाद क्षेत्र में आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। प्रशासन, एसईसीएल और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर नुकसान का जायजा लिया। फिलहाल ह्युम पाइप पुलिया बनाकर छोटे वाहनों की आवाजाही शुरू करने की तैयारी की जा रही है।
हालांकि बारिश के मौसम में यह मार्ग पूरी तरह बंद होने की आशंका है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
कोयला परिवहन भी हुआ प्रभावित
पुल टूटने से कोयला परिवहन पर भी असर पड़ा है। प्रशासन ने कोयला वाहनों को फिलहाल कल्याणपुर मार्ग से परिवहन करने के निर्देश दिए हैं।
प्रतापपुर की एसडीएम ललिता भगत ने बताया कि क्षतिग्रस्त पुल का निरीक्षण किया गया है और अस्थायी व्यवस्था के तहत पुलिया निर्माण कराया जाएगा। साथ ही नए पुल निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।









