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CG NEWS- शराब घोटाले में CBI की पहली FIR, पूर्व अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी पर कसा शिकंजा

रायपुर: छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 3200 करोड़ रुपये के कथित शराब घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। सीबीआई ने इस मामले में पहली प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है, जिसमें भारतीय टेलीफोन सेवा (ITS) के अधिकारी अरुणपति त्रिपाठी और उनकी पत्नी मंजुला त्रिपाठी को नामजद किया गया है।

भ्रष्टाचार का ‘नेटवर्क’: पत्नी के नाम पर बनाई कंपनी

जांच में यह बात सामने आई है कि आबकारी विभाग में प्रतिनियुक्ति के दौरान अरुणपति त्रिपाठी ने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी पत्नी के नाम पर एक मुखौटा कंपनी बनाई। आरोप है कि इसी कंपनी के जरिए भ्रष्टाचार की राशि को सफेद किया गया और करोड़ों की अनुपातहीन संपत्ति जुटाई गई।

संपत्ति में 800% से ज्यादा का उछाल

सीबीआई के पास मौजूद दस्तावेजों के अनुसार, त्रिपाठी की संपत्ति में संदिग्ध रूप से भारी बढ़ोतरी देखी गई है:

  • शुरुआती घोषित संपत्ति: मात्र 38 लाख रुपये।
  • वर्तमान मूल्यांकित संपत्ति: 3 करोड़ 32 लाख रुपये से अधिक।
  • प्रमुख निवेश: रायपुर, नवा रायपुर और भिलाई के प्राइम लोकेशंस पर कीमती जमीन और प्लॉट खरीदे गए।

एजेंसियों का बढ़ता घेरा

यह मामला पिछले काफी समय से छत्तीसगढ़ की राजनीति में गरमाया हुआ है। इससे पहले ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत लंबी जांच की और कई गिरफ्तारियां कीं। EOW (आर्थिक अपराध शाखा) ने भी राज्य स्तर पर कार्रवाई करते हुए सबूत जुटाए। अब CBI की एंट्री ने इस मामले को और अधिक गंभीर बना दिया है, क्योंकि अब जांच का दायरा अंतर-राज्यीय और केंद्रीय स्तर पर फैल गया है।

    30 से अधिक रडार पर

    विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक, यह सिर्फ पहली FIR है। सीबीआई की डायरी में 30 से अधिक अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम शामिल हैं। आने वाले दिनों में कई बड़े नामों पर केस दर्ज होने और उनकी गिरफ्तारी की प्रबल संभावना है।


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