छत्तीसगढ़ के भिलाई क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 14 वर्षीय नाबालिग लड़के को हनीट्रैप में फंसाकर उसका अपहरण कर लिया गया और बदले में 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नाबालिग को सकुशल बरामद कर लिया है और इस मामले में एक महिला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
कैसे रची गई साजिश
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी महिला पुष्पा साहू (24) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग से संपर्क किया। बातचीत धीरे-धीरे प्रेमजाल में बदल गई। पहले से रची साजिश के तहत महिला ने नाबालिग को मिलने के बहाने अमलेश्वर के तिरंगा चौक बुलाया, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उसे जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया।
इस साजिश में चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी पीड़ित परिवार का ही रिश्तेदार (सगा भांजा) निकला, जिसने भरोसे का फायदा उठाया।
ऐसे हुआ खुलासा
घटना की शिकायत मिलते ही दुर्ग पुलिस ने तत्काल तीन टीमों का गठन किया। जांच के दौरान कार का नंबर फर्जी पाया गया, मोबाइल लोकेशन ट्रेस करने पर आरोपियों की लोकेशन धमतरी में मिली।
इसके बाद दुर्ग और धमतरी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए धमतरी रोड पर नाकेबंदी की। संदिग्ध कार को रोककर पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और नाबालिग को सुरक्षित छुड़ा लिया गया।
फिरौती के लिए भेजा वीडियो
आरोपियों ने अपहरण के बाद परिजनों को कॉल कर धमकी दी और बच्चे का वीडियो भेजकर 1 करोड़ रुपए की मांग की थी। 12 अप्रैल को इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, उनमें शामिल हैं:
- शैलेन्द्र लहरे (25)
- कृष्णा साहू उर्फ करण (28) – मास्टरमाइंड
- रविंद्र लहरे (20)
- संजय साहू (25)
- पुष्पा साहू (24)
इनमें से चार आरोपी रायपुर के रहने वाले हैं।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि:
- सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों से सतर्क रहें
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें
- बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक करें
सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और मामले की आगे जांच जारी है।









