कोंडागांव पुलिस ने टेंट व्यवसायी सुरेश चौहान (53 वर्ष) की हत्या के मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। यह मामला गुमशुदगी से शुरू होकर हत्या तक पहुंचा, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया था।
गुमशुदगी से शुरू हुई जांच, हत्या का खुलासा
मामले की शुरुआत 12 अप्रैल 2026 को हुई, जब विकासनगर निवासी महेश चौहान ने थाना कोंडागांव में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके भाई सुरेश चौहान 11 अप्रैल की रात से लापता हैं। उनकी स्कूटी विकासनगर क्षेत्र में लावारिस हालत में मिली थी।
रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस ने गुमशुदगी का मामला कायम कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में ही मामला संदिग्ध नजर आया, जिसके बाद पुलिस ने इसे गंभीरता से लेते हुए हर एंगल से जांच तेज कर दी।
पुलिस ने बनाई स्पेशल टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल (IPS) और पंकज चंद्रा (IPS) के निर्देशन में विशेष टीम गठित की गई। टीम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चंद्रा, एसडीओपी रूपेश कुमार और डीएसपी नरेंद्र पुजारी को शामिल किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। इसी क्रम में मरार पारा निवासी सुरेश कुमार देवांगन (38 वर्ष) को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
लालच बना हत्या की वजह
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने सुरेश चौहान को अपने घर बुलाया था। यहां उसने सोने की अंगूठी और नकदी के लालच में लोहे के खलबट्टे के मूसल से उनके सिर पर हमला कर दिया। वार इतना घातक था कि मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
शव को मिट्टी में दबाकर छुपाया
हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की। उसने शव को स्कूटी में रखकर मरार पारा क्षेत्र में एक मिट्टी के ढेर के पास ले जाकर दबा दिया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर फॉरेंसिक टीम की मौजूदगी में शव को जमीन से बाहर निकाला। बाद में मृतक के भाई ने शव की पहचान की।
आरोपी से बरामद हुए अहम सबूत
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कई महत्वपूर्ण सबूत बरामद किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- 02 सोने की अंगूठियां
- 1000 रुपये नकद
- हत्या में प्रयुक्त लोहे का मूसल
इन सभी सामानों को जब्त कर लिया गया है।
आरोपी गिरफ्तार, न्यायिक हिरासत में भेजा गया
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।








