संसद में महिला आरक्षण बिल (Women Reservation Bill) पास नहीं होने से सत्ता पक्ष में काफी आक्रोश है. इस बीच शनिवार (18 अप्रैल) को मोदी कैबिनेट की बैठक हुई. सूत्रों के मुताबिक इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष के रवैये पर सख्त नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल का समर्थन ना करके विपक्ष ने बहुत बड़ी गलती की है और अब उसको इसका अंजाम भुगतना पड़ेगा.
सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी ने कहा कि इस मुद्दे को सरकार जन-जन तक और गांव गांव तक ले जाएगी और विपक्ष की मंशा को जगजाहिर करेगी. उन्होंने कहा कि अपनी गलती को छिपाने के लिए विपक्ष अब बहाने और तर्क ढूंढ रहा है. उन्होंने कहा कि विपक्ष ने सरकार को नहीं देश की महिलाओं को हराया है.
54 वोट से गिर गया बिल
दरअसल शुक्रवार (17 अप्रैल) को सरकार महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल लोकसभा में पास नहीं करा पाई. इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था. लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई. मौजूद 528 सांसदों ने वोट डाले. पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े. बिल पास कराने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी. 528 का दो तिहाई 352 होता है. इस तरह बिल 54 वोट से गिर गया. इसके विरोध में बीजेपी की महिला सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया.
दिल्ली में विपक्ष के खिलाफ प्रदर्शन
वहीं अब आज बीजेपी देश के कई राज्यों में विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर जा रही है. राजधानी दिल्ली में हुए प्रदर्शन में मुख्यंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल हुईं. इस पार्टी नेताओं ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि महिला सशक्तिकरण के इस मुद्दे को राजनीति की भेंट चढ़ाया जा रहा है. इसके साथ ही जमकर नारेबाजी भी कही.
गृह मंत्री ने किया तीखा वार
इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बिल पास न होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए विपक्ष पर तीखा हमला किया है. उन्होंने इसे महिलाओं के साथ ‘धोखा’ बताते हुए कहा कि विपक्ष को 2029 के चुनावों में इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. उन्होंने विपक्ष परमहिलाओं के साथ धोखा देने का आरोप लगाया. उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर तरते हुए कहा कि देश की आधी आबादी, 70 करोड़ महिलाओं को धोखा देने और उनका विश्वास खोने के बाद कोई कैसे विजय का जश्न मना सकता है?.








