बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से खाकी को दागदार करने वाला एक मामला सामने आया है, जहां एक पुलिस आरक्षक को शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सोशल मीडिया से शुरू हुई यह दोस्ती धोखे और कानूनी कार्रवाई तक जा पहुंची है।
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला बिलासपुर जिले के तखतपुर थाना क्षेत्र का है। आरोपी आरक्षक की पहचान सुमंत मिरी के रूप में हुई है। कुछ समय पहले सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी पहचान पीड़ित युवती से हुई थी। बातचीत का सिलसिला आगे बढ़ने पर आरोपी ने खुद को अविवाहित बताया और युवती का विश्वास जीत लिया।
आरक्षक सुमंत मिरी ने युवती से शादी करने का वादा किया और इसी भरोसे के जाल में फंसाकर उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। हालांकि, जब कुछ समय बीतने के बाद पीड़िता ने उस पर शादी करने का दबाव बनाया, तो आरोपी बहानेबाजी और टालमटोल करने लगा। आखिरकार आरोपी आरक्षक ने विवाह करने से साफ इनकार कर दिया।
खुद को ठगा और छला महसूस होने पर पीड़िता ने हिम्मत दिखाई और तखतपुर थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की प्राथमिक जांच की। आरोप सही पाए जाने पर आरोपी आरक्षक सुमंत मिरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 (शादी का झांसा देकर या पहचान छिपाकर शारीरिक संबंध बनाना) के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की विस्तृत जांच और आवश्यक वैधानिक कार्रवाई कर रही है।










