रायपुर। छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार रात मुख्यमंत्री निवास में मंत्रियों की आपात बैठक बुलाई। यह बैठक देर रात करीब 1:30 बजे तक चली, जिसमें सरकार के ढाई साल के कामकाज, मंत्रियों के प्रदर्शन, संगठन और सरकार के बीच समन्वय तथा आगामी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से उनके विभागों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट मांगी। सूत्रों के मुताबिक, यह रिपोर्ट सीधे दिल्ली भेजी जा सकती है, जिससे राजनीतिक गलियारों में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें और तेज हो गई हैं। हालांकि, बैठक के दौरान कई मंत्रियों ने कैबिनेट में बदलाव की संभावना से इनकार किया।
कई मंत्री दौरा छोड़कर पहुंचे रायपुर
बताया जा रहा है कि बैठक की सूचना अचानक मिलने पर कई मंत्रियों ने अपने निर्धारित दौरे बीच में ही छोड़ दिए और रायपुर पहुंच गए। कुछ मंत्री जगदलपुर और अन्य जिलों के कार्यक्रम रद्द कर सीधे मुख्यमंत्री निवास पहुंचे।
बैठक में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश महामंत्री (संगठन) पवन साय, उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, वित्त मंत्री ओपी चौधरी, मंत्री केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, दयालदास बघेल, टंक राम वर्मा, लक्ष्मी राजवाड़े सहित अन्य मंत्री मौजूद रहे।
विभागवार समीक्षा, नए लक्ष्य तय करने के निर्देश
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विभागवार समीक्षा करते हुए मंत्रियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि चुनावी घोषणापत्र में किए गए वादों को तय समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता से पूरा किया जाए। इसके साथ ही प्रशासनिक कसावट बढ़ाने और जनहित की योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने विभागों के लिए नए लक्ष्य तय करें और विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने मंत्रियों के विभागीय रिपोर्ट कार्ड भी देखे और भविष्य की रणनीति पर सुझाव लिए।
संगठन-सरकार समन्वय और कार्यकर्ताओं की समस्याओं पर फोकस
बैठक में जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं की समस्याओं और सुझावों को प्रशासन में प्राथमिकता देने पर भी सहमति बनी। संगठन के माध्यम से जनता के बीच पार्टी की पकड़ मजबूत करने और सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की रणनीति पर चर्चा हुई।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बैठक संकेत देती है कि सरकार अपने शेष कार्यकाल में पूरी तरह ‘परफॉर्मेंस मोड’ में काम करेगी, ताकि किसी भी प्रकार की सत्ता विरोधी लहर को समय रहते रोका जा सके।
भाजपा नेता की हत्या के मामले ने भी बढ़ाई बैठक की अहमियत
सूत्रों के मुताबिक, भाजपा नेता रतन सिंह गहलोत की हत्या के मामले और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी बैठक में चर्चा हुई। सरकार ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और अवैध गतिविधियों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी।
देर रात तक चली इस मैराथन बैठक ने यह संदेश दिया है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार अब विकास कार्यों, संगठनात्मक समन्वय और मंत्रियों की जवाबदेही को लेकर अधिक सक्रिय और परिणाम आधारित दृष्टिकोण अपनाने की तैयारी में है।










