रायपुर-नई दिल्ली: नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर की एक नई और बदलती तस्वीर देश के सामने रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों तक नक्सली हिंसा की मार झेलने वाला बस्तर अब आर्थिक पुनरुत्थान, रोजगार, शिक्षा, पर्यटन और आधुनिक कृषि का एक बेहतरीन मॉडल बनने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ‘विकसित भारत-2047’ के विजन के अनुरूप छत्तीसगढ़ को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में अपनी व्यापक कार्ययोजना प्रस्तुत की।
बैठक में मुख्यमंत्री द्वारा बस्तर और छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर रखे गए मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
1. परिवारों की मासिक आय होगी दोगुनी
- लक्ष्य: वर्तमान में बस्तर के लगभग 85% परिवारों की मासिक आय 15 हजार रुपये से कम है। सरकार ने अगले 3 वर्षों में इसे बढ़ाकर 30 हजार रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।
- माध्यम: इसके लिए खेती, पशुपालन, वन उपज और छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
2. बस्तर में ‘डेयरी मॉडल’ और दुग्ध क्रांति
बस्तर के गांवों में स्थायी आय के स्रोत विकसित करने के लिए तेजी से ‘डेयरी मॉडल’ लागू किया जा रहा है। इसके तहत आदिवासी परिवारों को दुधारू गाय और भैंस उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे महिलाओं और युवाओं को रोजगार मिलेगा और दूध संग्रहण, परिवहन व स्थानीय बाजारों जैसी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
3. सिंचाई के लिए 2,000 करोड़ के बड़े प्रोजेक्ट
- सिंचाई विस्तार: बस्तर में सिंचाई सुविधाओं को मजबूत करने के लिए 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले दो बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया जा रहा है, जिससे 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलेगी।
- फायदा: इंद्रावती नदी क्षेत्र में सालभर पानी की उपलब्धता से किसान धान के अलावा सब्जियां, फल और अन्य नकदी फसलें भी उगा सकेंगे।
- डिजिटल हेल्थ: बस्तर के दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 36 लाख लोगों की डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल तैयार की जा रही है।
4. सुरक्षा शिविर अब बने ‘सेवा डेरा’
मुख्यमंत्री ने एक बेहद महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी देते हुए बताया कि बस्तर में स्थापित किए गए लगभग 200 सुरक्षा शिविरों (Security Camps) को अब ‘सेवा डेरा’ के रूप में विकसित किया गया है।
- इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को राशन, पेंशन, आयुष्मान कार्ड, बैंकिंग, स्वास्थ्य और शिक्षा सहित केंद्र व राज्य सरकार की 371 योजनाओं का लाभ एक ही छत के नीचे मिल रहा है।
5. वैश्विक पर्यटन केंद्र के रूप में विकास
पर्यटन को रोजगार का एक बड़ा जरिया बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर को ग्लोबल टूरिज्म हब बनाया जा रहा है:
- चित्रकोट और सिरपुर: चित्रकोट जलप्रपात और बौद्ध तीर्थस्थल सिरपुर को विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- नई गतिविधियां: बस्तर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी का विस्तार हो रहा है, जबकि सिरपुर में ग्लोबल मेडिटेशन सेंटर और संग्रहालय का निर्माण जारी है।
6. अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ की ‘एजुकेशन सिटी’
- शिक्षा में क्रांति: बस्तर के संवेदनशील इलाकों जैसे अबूझमाड़ और जगरगुंडा में 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘एजुकेशन सिटी’ विकसित की जा रही है।
- स्मार्ट एजुकेशन: राज्य में 341 पीएमश्री स्कूल और 5,857 स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए हैं। बच्चों की सहूलियत के लिए 16 स्थानीय भाषाओं में द्विभाषी पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं।
7. ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ODOP) से 761 करोड़ का निर्यात
मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ का ‘एक जिला-एक उत्पाद’ मॉडल बेहद कारगर साबित हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में फरवरी 2026 तक राज्य से 761.76 करोड़ रुपये का निर्यात किया जा चुका है, जिसमें छत्तीसगढ़ के सुगंधित (खुशबूदार) चावल का सबसे बड़ा योगदान रहा है। इसके साथ ही राज्य सरकार अब एआई (AI) और सेमीकंडक्टर जैसे आधुनिक व तकनीकी क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ाने पर फोकस कर रही है।










