रायपुर। आज राजधानी रायपुर के राजीव भवन में कांग्रेस की एसआईआर निगरानी कमेटी के संयोजक मोहन मरकाम, सह संयोजक धनेन्द्र साहू, AICC सचिव देवेन्द्र यादव ने पत्रकार वार्ता की। जिसमे उन्होंने कहा, आयोग यह सुनिश्चित करे कि SIR के काम में पारदर्शिता और ईमानदारी हो।
यह भी पढ़ें- CG NEWS: मेंडिकल कॉलेज के निर्माणाधीन भवन की छत गिरी, 9 मजदूर घायल
कांग्रेस एसआईआर निगरानी समिति के संयोजक मोहन मरकाम ने कहा कि, कांग्रेस मांग करती है आयोग यह सुनिश्चित करे कि SIR के काम में पारदर्शिता और ईमानदारी हो। हमने पहले भी कहा था आयोग यह सुनिश्चित करे कि एसआईआर किसी राजनैतिक दल का एजेंडा नहीं है। एसआईआर का का काम मूल रूप से बीएलओ के माध्यम से ही पूरा होगा। बीएलओ घर-घर जा कर दस्तावेज का मिलान करेगा, कांग्रेस पार्टी मांग करती है बीएलओ हर घर में भौतिक रूप से जरूर पहुंचे।
यह भी पढ़ें- CG NEWS: तेज रफ़्तार ट्रेलर ने नाबालिग को रौदा, मौके पर मौत…देखें वीडियो
यह सुनिश्चित किया जाए और बीएलओ जब मतदाता के घर आए तो उसके आने का पुष्टि प्रमाण पत्र मतदाता से लिखवा कर ले। इससे यह सुनिश्चित हो जाएगा कि बीएलओ ने एक जगह बैठ कर कागजी सर्वे नहीं किया। निर्वाचन आयोग को मतदाता सूची का इलेक्ट्रॉनिक डेटा सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराना चाहिए और किसी भी संशोधन से पहले सभी दलों के बीएलए से चर्चा करनी चाहिए। इसके बिना किसी भी नागरिक से मतदान का अधिकार छीनना लोकतंत्र के खिलाफ अपराध है। किसी मतदाता का नाम सूची से काटा जाए तो वह अपात्र है यह प्रमाणित करने का दायित्व आयोग का होना चाहिए न कि मतदाता का।
यह भी पढ़ें- परमाणु बम हो जाएगा फुस्स, चीन तैयार कर रहा डर्टी बम, बीजिंग में शुरू किया परीक्षण
मतदाता को उसके दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा समय दिया जाए। एसआईआर के काम में नीयत सही होनी चाहिए, उसका लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं का नाम जोड़ने का होना चाहिए न कि काटने का। एसआईआर का काम विशुद्ध रूप से आयोग का दिखना चाहिए, न कि सरकार या दल विशेष का एजेंडा प्रदर्शित हो। सत्ताधारी दल के राजनीतिक लाभ के लिए एक सेट पैटर्न में फिल्टर लगाकर वोट डिलीट करने की कोशिश नहीं होना चाहिये। SIR चुनाव आयोग का काम है तो उसके बारे में कोई सवाल खड़ा होता है या प्रक्रिया में परेशानी आती है तो उसका निराकरण करना, जवाब देना आयोग का काम है।
भाजपा किस हैसियत से इसका जवाब देने की तैयारी कर रही है? क्या भाजपा आयोग की प्रवक्ता है? आयोग भाजपा से स्पष्टीकरण मांगे के एसआईआर पर आम जनता और विपक्ष के सवालों का जवाब देने का अधिकार उसे किसने दिया है?
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं कांग्रेस SIR कमेटी के सहसंयोजक धनेन्द्र साहू ने कहा कि दस्तावेज जमा करने और सत्यापन के लिए मतदाता को दी जा रही। समय सीमा 1 माह अपर्याप्त है। वर्तमान में राज्य में धान कटाई का समय चल रहा उसके बाद धान बेचने किसानों को सोसायटी में जाना पड़ता है, अतः यह समय बढ़ाना आवश्यक है। छत्तीसगढ़ जैसे राज्य जहां चुनाव में पर्याप्त 3 साल का समय है, वहां यह जल्द बाजी क्यों? अतः इस समय सीमा को बढ़ा कर न्यूनतम तीन माह किया जाय ताकि कोई छूटे नहीं।
AICC सचिव देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रही है। पूरे देश में यह स्थितियां बनी है। बिहार में भी यही हुआ। छत्तीसगढ़ में हम निगरानी रखेंगे की किसी का नाम गलत ढंग से ना काटा जा सके।









