राजनांदगांव: राजनांदगांव रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के एक जवान की मुस्तैदी और त्वरित सूझबूझ से एक बड़ा रेल हादसा टल गया। ट्रेन छूटने के बाद चलती गाड़ी में चढ़ने की कोशिश कर रहे एक अधेड़ उम्र के यात्री का पैर अचानक फिसल गया और वह ट्रेन व प्लेटफॉर्म के बीच आने ही वाला था। तभी वहां ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ के जवान ने अपनी जान की परवाह न करते हुए दौड़कर यात्री को सुरक्षित खींच लिया। यह पूरी कवायद आरपीएफ के ‘ऑपरेशन जीवन रक्षा’ के तहत देखने को मिली।
प्रस्थान के समय बिगड़ा यात्री का संतुलन
मिली जानकारी के मुताबिक, मंडल सुरक्षा आयुक्त (रेलवे सुरक्षा बल, नागपुर) श्री चेतन दिलीपराव जिचकार के दिशा-निर्देशन में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में 8 जुलाई को गाड़ी संख्या 12101 (ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस) राजनांदगांव स्टेशन पर आकर रुकी थी। निर्धारित ठहराव के बाद जैसे ही ट्रेन ने स्टेशन से प्रस्थान करना शुरू किया, तभी एक यात्री चलती ट्रेन में चढ़ने के लिए तेजी से दौड़ा। रफ्तार पकड़ती ट्रेन के पायदान पर पैर रखते ही यात्री का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिरने लगा।
देवदूत बनकर आए प्रधान आरक्षक राजेंद्र रायकवार
यात्री को गिरता देख प्लेटफॉर्म पर मुस्तैदी से ड्यूटी कर रहे आरपीएफ के प्रधान आरक्षक राजेंद्र रायकवार ने पलक झपकते ही दौड़ लगा दी। इससे पहले कि यात्री ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच के जानलेवा गैप (खाली जगह) में समा जाता, जवान राजेंद्र रायकवार ने उसे मजबूती से पकड़कर बाहर की तरफ खींच लिया। जवान की इस त्वरित कार्रवाई से यात्री की जान बाल-बाल बच गई। प्लेटफॉर्म पर मौजूद अन्य यात्रियों ने भी जवान की इस बहादुरी को देखकर राहत की सांस ली।
झारसुगुड़ा के रहने वाले हैं यात्री, आरपीएफ का जताया आभार
पूछताछ में पीड़ित यात्री ने अपना नाम बृजेश सकुनिया (52 वर्ष), निवासी हनुमान मंदिर पारा, झारसुगुड़ा (ओडिशा) बताया। उन्होंने बताया कि वे गोंदिया जंक्शन से झारसुगुड़ा तक की यात्रा कर रहे थे। राजनांदगांव स्टेशन पर वे किसी काम से नीचे उतरे थे, लेकिन इसी बीच ट्रेन चल पड़ी। दोबारा चढ़ने के प्रयास में उनका पैर फिसल गया था। अपनी जान सलामत पाकर बृजेश सकुनिया भावुक हो गए और उन्होंने आरपीएफ जवान व पूरी टीम का सहृदय आभार व्यक्त किया, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
रेलवे की यात्रियों से अपील: न लें जान का जोखिम
इस घटना के बाद रेलवे सुरक्षा बल ने एक बार फिर आम जनता और रेल यात्रियों से बेहद गंभीर अपील की है। आरपीएफ ने कहा है कि चलती हुई ट्रेन में चढ़ने या उतरने का प्रयास बिल्कुल न करें। चंद मिनटों की जल्दबाजी जानलेवा साबित हो सकती है। रेलवे ने याद दिलाया है कि यात्री सुरक्षा ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए रेलवे का एकीकृत हेल्पलाइन नंबर 139 चौबीसों घंटे चालू रहता है।









