राजधानी रायपुर में पुलिस ने एक बड़ी और सनसनीखेज वारदात को होने से पहले ही नाकाम कर दिया है। पंडरी स्थित प्रसिद्ध कल्याण ज्वेलर्स में डकैती की साजिश रच रहे अंतर्राज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को गुढ़ियारी थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से देसी पिस्टल, जिंदा कारतूस और धारदार हथियार बरामद हुए हैं। पुलिस का दावा है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो राजधानी में बड़ी डकैती हो सकती थी।
रायपुर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-7 के पीछे कुछ संदिग्ध युवक हथियारों के साथ किसी बड़ी वारदात की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही गुढ़ियारी थाना पुलिस ने घेराबंदी कर तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान देवांश शर्मा, सुशांत कुमार पासवान और मयंक सिंह के रूप में हुई है। इनमें दो आरोपी दिल्ली और एक बिहार का रहने वाला है। पुलिस ने इनके कब्जे से एक देसी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, दो धारदार चाकू, तीन मोबाइल फोन और 2,500 रुपये नकद बरामद किए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उनका निशाना पंडरी स्थित कल्याण ज्वेलर्स था। उन्होंने रात के समय डकैती की पूरी योजना तैयार कर ली थी। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के एक सदस्य ने 1 अप्रैल 2026 को ज्वेलरी शोरूम की रेकी की थी। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों की गतिविधियां, पुलिस गश्त का समय और वारदात के बाद भागने के रास्तों की पूरी जानकारी जुटाकर अपने साथियों को भेजी गई थी।
हालांकि उस समय गिरोह के पास पर्याप्त सदस्य नहीं होने के कारण वारदात को अंजाम नहीं दिया जा सका। इसके बाद आरोपी लगातार संपर्क में रहकर डकैती की नई योजना बना रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह के दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनमें एक को पूरे षड्यंत्र का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। पुलिस उनकी तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों को अवैध हथियार कहां से मिले और उनका नेटवर्क किन-किन राज्यों तक फैला हुआ है। जब्त मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच भी कराई जा रही है।
डीसीपी नॉर्थ दीपमाला कश्यप ने बताया कि राजधानी में लगातार प्रोएक्टिव पुलिसिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत समय रहते मिली सूचना के आधार पर यह बड़ी कार्रवाई की गई और संभावित डकैती को विफल कर दिया गया। पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ पूरे गिरोह और हथियार सप्लाई नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई है।










