छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। नक्सल डेडलाइन खत्म होने के बाद नक्सलियों के सरेंडर का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में शनिवार को 47 नक्सलियों ने तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया।
समर्पण करने वाले नक्सली अपने साथ 34 हथियार भी लेकर पहुंचे। बताया जा रहा है कि ये सभी नक्सली मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं और लंबे समय से नक्सल गतिविधियों में सक्रिय थे। इतनी बड़ी संख्या में सरेंडर को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
इस सामूहिक आत्मसमर्पण को नक्सल संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। खासकर दक्षिण बस्तर डिवीजनल कमेटी (DVC) पर इसका गहरा असर पड़ा है। माना जा रहा है कि इस घटनाक्रम के बाद DVC की पकड़ कमजोर हो गई है और यह लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है। इस पूरे मामले पर तेलंगाना के डीजीपी शिवधर रेड्डी जल्द ही मीडिया के सामने विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह सरेंडर सरकार की नीति और सुरक्षा बलों के दबाव का नतीजा है। इसे नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति बहाली की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।










