रायपुर। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता और सांसद संतोष पाण्डेय ने बस्तर सहित आदिवासी क्षेत्रों में विदेशी फंडिंग और धर्मांतरण को लेकर बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। उन्होंने कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नक्सल प्रभावित इलाकों में करोड़ों रुपये का संदिग्ध लेन-देन हुआ है।
शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान पाण्डेय ने कहा कि विदेशी बैंकों के डेबिट कार्ड्स के जरिए छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में पैसा खपाया जा रहा है। उनके मुताबिक, एक साल में ही ऐसे इलाकों से करीब 95 करोड़ रुपये का लेन-देन सामने आया है, जबकि बस्तर और धमतरी में साढ़े छह करोड़ रुपये के संदिग्ध खर्च दर्ज किए गए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संस्थाएं विदेशी फंडिंग के जरिए मिशनरी गतिविधियों में शामिल हैं। साथ ही कांग्रेस नेताओं के करीबी लोगों के बाहरी ताकतों से जुड़े होने की बात भी कही। पाण्डेय ने यह भी दावा किया कि मुख्यमंत्री रहते हुए भूपेश बघेल ने केंद्रीय जांच एजेंसियों पर प्रतिबंध लगाए, जिससे ऐसे नेटवर्क को बढ़ावा मिला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा एफसीआरए (फॉरेन कॉन्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट) में किए गए बदलावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब विदेशी फंड की निगरानी पहले से ज्यादा सख्त हो गई है और संदिग्ध स्रोतों पर रोक लगाई गई है।
संगठनात्मक मुद्दों पर बोलते हुए पाण्डेय ने कहा कि भाजपा केवल चुनावी पार्टी नहीं है, बल्कि लगातार कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और कौशल विकास पर काम करती है। उन्होंने “शांति काल में भी युद्ध की तैयारी” की नीति का जिक्र करते हुए बताया कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को केंद्र सरकार की योजनाओं को पहुंचाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कांग्रेस पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय कांग्रेस को अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।










