रायपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने सोमवार को अपनी त्रि-भाषा (थ्री-लैंग्वेज) नीति के कार्यान्वयन को लेकर नए और संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने देश भर के लाखों विद्यार्थियों और अभिभावकों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि कक्षा 10वीं के मौजूदा बैच (Current Batch) के विद्यार्थियों को तीन भाषाएं पढ़ने से पूरी तरह छूट रहेगी। उन्हें तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं देनी होगी।
इसके साथ ही, वर्तमान में कक्षा 9वीं में पढ़ रहे छात्रों को भी एक बार की विशेष राहत दी गई है। यह नीतिगत बदलाव ऐसे समय में आया है जब CBSE के पिछले आदेश के खिलाफ कई छात्रों और अभिभावकों ने अदालत का रुख किया था।
नए दिशानिर्देशों की मुख्य बातें (Key Highlights)
- 10वीं के मौजूदा छात्र मुक्त: वर्तमान में 10वीं कक्षा में पढ़ रहे छात्रों पर नई त्रि-भाषा नीति लागू नहीं होगी।
- 7वीं, 8वीं और 9वीं को परीक्षा से छूट: कक्षा 7, 8 और 9 के मौजूदा छात्रों को भी फिलहाल इस कड़े नियम के तहत परीक्षा देने से छूट दी गई है।
- विदेशी भाषा पढ़ रहे छात्रों को राहत: जो छात्र वर्तमान में दो विदेशी भाषाएं पढ़ रहे हैं, वे उन्हें जारी रख सकेंगे। हालांकि, उन्हें अतिरिक्त (Additional) रूप से एक भारतीय भाषा पढ़ना अनिवार्य होगा।
- 2028 में होगी पहली नई बोर्ड परीक्षा: नई व्यवस्था के तहत पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा वर्ष 2028 में आयोजित की जाएगी।
कक्षा 9वीं के वर्तमान बैच को क्या मिली राहत?
CBSE की अकादमिक निदेशक प्रज्ञा एम. सिंह द्वारा जारी स्पष्टीकरण के अनुसार, कक्षा 9वीं के मौजूदा बैच को तीन भाषाएं तो पढ़नी होंगी, लेकिन वे दो विदेशी भाषाएं और एक भारतीय भाषा का संयोजन (Combination) चुन सकते हैं।
बता दें कि इससे पहले 15 मई को बोर्ड ने अनिवार्य किया था कि विदेशी भाषा चुनने वाले विद्यार्थी ऐसा तभी कर सकेंगे, जब वे कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन कर चुके हों। इस आदेश से उन छात्रों के सामने संकट खड़ा हो गया था जो पहले से विदेशी भाषाएं पढ़ रहे थे, लेकिन अब कोर्ट के हस्तक्षेप और चौतरफा विरोध के बाद बोर्ड ने नियमों को थोड़ा लचीला किया है।
कब और कैसे लागू होगी पूर्ण त्रि-भाषा नीति?
CBSE ने साफ कर दिया है कि त्रि-भाषा नीति का पूर्ण रूप से कार्यान्वयन शैक्षणिक सत्र 2026-27 से शुरू होगा।
| शैक्षणिक सत्र | कक्षा | विवरण |
| सत्र 2026-27 | कक्षा 9वीं | इस सत्र में 9वीं में प्रवेश लेने वाले छात्रों के लिए कम से कम दो भारतीय भाषाओं सहित तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य होगा। |
| वर्ष 2028 | कक्षा 10वीं | इस बैच के लिए वर्ष 2028 में दो-स्तरीय (स्टैंडर्ड और एडवांस्ड) नई व्यवस्था के तहत पहली 10वीं बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाएगी। |
विदेशी भाषा के लिए अब यह होगा नियम:
भविष्य के सत्रों (2026-27 से) के लिए बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कोई भी छात्र विदेशी भाषा को तभी चुन सकेगा जब वह कम से कम दो भारतीय भाषाएं पढ़ रहा हो। ऐसी स्थिति में विदेशी भाषा को या तो तीसरी भाषा के रूप में चुना जा सकेगा या फिर अतिरिक्त चौथी भाषा (Additional 4th Language) के रूप में पढ़ा जा सकेगा।









