सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां सोमवार की शाम तेज आंधी-तूफान और बारिश के बीच आकाशीय बिजली (गाज) गिरने से दो मासूम बच्चों समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के वक्त बच्चे पेड़ से गिर रहे आम चुनने गए थे, जबकि एक किसान बारिश से बचने के लिए उसी पेड़ के नीचे खड़ा था। इस हादसे में एक 12 वर्ष की बच्ची भी गंभीर रूप से झुलस गई है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक साथ तीन मौतों से पूरे इलाके में मातम पसर गया है।
आम चुन रहे थे बच्चे, मवेशी चरा रहे थे किसान
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, यह दुखद हादसा सोमवार की शाम करीब 4 बजे हुआ। इलाके में अचानक तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। तेज आंधी के कारण बगीचे में लगे एक आम के पेड़ से आम जमीन पर गिर रहे थे, जिसे देखकर पास के बच्चे वहां आम चुनने पहुंच गए।
- इसी दौरान खेत में मवेशी चरा रहे किसान रामसाय भी खुद को भीगने से बचाने के लिए उसी आम के पेड़ के नीचे आकर खड़े हो गए।
- तभी अचानक बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ सीधे उसी पेड़ पर काल बनकर आकाशीय बिजली गिर गई। पेड़ के नीचे मौजूद लोग इसकी चपेट में आ गए।
मृतकों में 5 और 9 साल के दो मासूम शामिल
आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पेड़ के नीचे खड़े तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों की पहचान इस प्रकार की गई है:
- कुमारी रानी (9 वर्ष): निवासी दुप्पी चौरा, राजपुर (यह बच्ची अपने रिश्तेदार के घर ग्राम डुमकी आई हुई थी)।
- सागर (5 वर्ष): स्थानीय निवासी।
- रामसाय: स्थानीय किसान, जो मवेशी चरा रहे थे।
एक बच्ची गंभीर: इस हादसे में पेड़ के नीचे खड़ी एक अन्य 12 वर्षीय बच्ची श्रद्धा गंभीर रूप से घायल हो गई है। उसे तुरंत ग्रामीणों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
सावधान! भूलकर भी न करें ये गलतियां: वन विभाग और प्रशासन की गाइडलाइन
अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण इलाकों में लोग बारिश से बचने के लिए पेड़ों का सहारा लेते हैं, जो सबसे ज्यादा जानलेवा साबित होता है। आकाशीय बिजली (Lightning) के खतरों से बचने के लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- पेड़ों से दूरी बनाएं: अकेले खड़े या ऊंचे पेड़ बिजली गिरने का मुख्य निशाना होते हैं। आंधी-तूफान के दौरान कभी भी पेड़ के नीचे पनाह न लें।
- इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग बंद करें: गरज-चमक के समय मोबाइल फोन, एफएम रेडियो या तार वाले टेलीफोन का इस्तेमाल कतई न करें। घर के टीवी, कंप्यूटर और एसी के प्लग निकाल दें।
- लोहे की छतरी न खोलें: बारिश में बाहर होने पर लोहे के हैंडल वाली छतरी का उपयोग करने से बचें, क्योंकि मेटल बिजली को आकर्षित करता है।
- सुरक्षित स्थानों पर जाएं: खेतों में काम करने वाले किसान, मजदूर और चरवाहे मौसम खराब होते ही तुरंत किसी पक्के मकान या सूखी जमीन वाले सुरक्षित स्थान पर चले जाएं।
- पानी से दूर रहें: यदि आप किसी तालाब, नदी या स्विमिंग पूल के पास हैं, तो तुरंत बाहर निकल जाएं क्योंकि पानी में बिजली का करंट बहुत तेजी से फैलता है।







