रायपुर। छत्तीसगढ़ में साल 2023 के विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए एक बड़ा दांव खेलने जा रही है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के निर्देश पर रायपुर के अभनपुर में 20 से 29 जून तक 10 दिवसीय आवासीय जिला कांग्रेस अध्यक्षों का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर की सबसे बड़ी खास बात यह है कि लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी खुद 21 जून को इस शिविर में शामिल होंगे और नवनियुक्त जिला अध्यक्षों को ट्रेनिंग देंगे।
इस महाशिविर में हिस्सा लेने के लिए एआईसीसी (AICC) के वरिष्ठ पदाधिकारी आज (19 जून) को ही रायपुर पहुंच रहे हैं।
राहुल गांधी का मिनट-टू-मिनट शेड्यूल (21 जून)
राहुल गांधी छत्तीसगढ़ दौरे के दौरान करीब 3 घंटे इस प्रशिक्षण शिविर में रहेंगे। उनका संभावित शेड्यूल इस प्रकार है:
- दोपहर 2:00 बजे: रायपुर एयरपोर्ट (स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डा) आगमन।
- दोपहर 2:45 बजे: सड़क मार्ग द्वारा अभनपुर स्थित प्रशिक्षण स्थल (अग्रवाल रिसोर्ट) के लिए रवानगी।
- शाम 5:30 बजे तक: जिला अध्यक्षों से सीधा संवाद, संगठन, फील्ड विजिट और सामाजिक-राजनीतिक सक्रियता पर कड़ा प्रशिक्षण।
- शाम 6:40 बजे: रायपुर से वापस दिल्ली के लिए उड़ान।
‘मिशन 2028’ और बूथ स्तर को मजबूत करने की तैयारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) दीपक बैज ने बताया कि अभनपुर के अग्रवाल रिसोर्ट में आयोजित यह 10 दिवसीय शिविर पूरी तरह आवासीय (Residential) होगा, जिसकी कमान एआईसीसी का प्रशिक्षण विभाग संभालेगा।
कांग्रेस पार्टी 2023 के चुनाव में मिली शिकस्त के पीछे बूथ स्तर की कमजोरी को एक बड़ी वजह मानती है। इसी कमी को दूर करने के लिए इस शिविर को ‘मिशन 2028’ (आगामी विधानसभा चुनाव) की नींव के रूप में देखा जा रहा है। जिला अध्यक्षों को मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर फोकस कराया जाएगा:
- फील्ड विजिट (जमीनी दौरा): जनता के बीच लगातार बने रहने की रणनीति।
- सोशल एक्टिविटी: सकारात्मक सामाजिक गतिविधियों के जरिए पैठ बनाना।
- बूथ मैनेजमेंट: जमीनी राजनीति को मजबूत कर बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना।
दिग्गजों का लगेगा जमघट: इस हाई-प्रोफाइल शिविर में राहुल गांधी के साथ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट, तीनों प्रभारी सचिव और एआईसीसी के सभी राष्ट्रीय महासचिव मौजूद रहेंगे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता भी एक मंच पर एकजुट नजर आएंगे। यह शिविर जिला अध्यक्षों को जनता से सीधे संवाद करने और मजबूत संगठन खड़ा करने का नया रोडमैप तैयार करके देगा।









