रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार शासन-प्रशासन को और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। जुलाई के पहले सप्ताह में नवा रायपुर स्थित भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) में ‘चिंतन शिविर 3.0’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। हाई-प्रोफाइल माने जा रहे इस शिविर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के साथ प्रदेश कैबिनेट के सभी मंत्री अनिवार्य रूप से हिस्सा लेंगे।
इस शिविर के जरिए सरकार अपनी प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक धारदार बनाने का प्रयास कर रही है।
सुशासन, तकनीक और नई कार्यशैली पर रहेगा मुख्य फोकस
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस चिंतन शिविर का मुख्य उद्देश्य मंत्रियों की कार्यप्रणाली को आधुनिक और परिणामोन्मुखी (Result-Oriented) बनाना है। शिविर के दौरान देश के जाने-माने विशेषज्ञ मंत्रियों को निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर महत्वपूर्ण टिप्स और प्रशिक्षण देंगे:
- नीति निर्माण और जनसेवा: सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक कैसे पहुंचे।
- तकनीक का उपयोग: गवर्नेंस में आधुनिक टेक्नोलॉजी और नवाचार (Innovation) का समावेश।
- बेहतर प्रबंधन: समय प्रबंधन और विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।
‘मिशन छत्तीसगढ़’ के लिए आगामी वर्षों की रणनीति पर मंथन
इस तीन दिवसीय या निर्धारित अवधि के शिविर में सरकार अपनी भविष्य की प्राथमिकताओं को तय करेगी।
- योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन: वर्तमान में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा और उन्हें गति देना।
- प्रशासनिक सुधार: लालफीताशाही को कम कर फाइलों के त्वरित निपटारे पर रणनीति।
- भविष्य का रोडमैप: आने वाले वर्षों के लिए सरकार के विकास मॉडल और रणनीतियों को अंतिम रूप देना।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे सफल प्रयोग: गौरतलब है कि नवा रायपुर स्थित IIM में मंत्रियों के लिए पहले भी दो बार प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। अब ‘चिंतन शिविर 3.0’ के माध्यम से सरकार मंत्रियों को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के अनुभवों से जोड़कर उनकी प्रशासनिक दक्षता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का प्रयास कर रही है।
प्रशासनिक गलियारों में इस शिविर को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं और इसे साय सरकार की एक बेहद महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल माना जा रहा है।










