रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने मंत्रालय (GAD) में नौकरी का झांसा देकर सवा करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक शासकीय शिक्षक भी शामिल है।
पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने नवा रायपुर स्थित सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) में विभिन्न पदों पर भर्ती का झूठा दावा किया था। ठगी को अंजाम देने के लिए उन्होंने बेहद शातिर तरीका अपनाया आरोपियों ने मंत्रालय के सचिव और उप-सचिव के फर्जी डिजिटल हस्ताक्षर युक्त नियुक्ति आदेश तैयार किए। उच्च तकनीक का इस्तेमाल कर इन दस्तावेजों को इतना असली बनाया गया कि कोई भी आसानी से धोखा खा जाए। इन फर्जी आदेशों को व्हाट्सएप और अन्य सोशल मीडिया ग्रुप्स पर वायरल कर बेरोजगार युवाओं को फंसाया गया।
गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी मूलतः डोंगरगढ़ (जिला राजनांदगांव) के निवासी हैं:
- राजेश शर्मा: पेशे से एक शासकीय शिक्षक है।
- मनोज कुमार श्रीवास्तव: एक निजी स्कूल में क्लर्क के पद पर कार्यरत है।
इन दोनों ने मिलकर कुल 34 लोगों को अपना शिकार बनाया और उनसे लगभग 1.5 करोड़ रुपये की वसूली की।
पुलिस की कार्रवाई
काफी समय बीत जाने के बाद भी जब पीड़ितों को नौकरी नहीं मिली और उन्हें नियुक्ति आदेशों पर संदेह हुआ, तब मामले की शिकायत पुलिस से की गई। रायपुर ग्रामीण पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम गठित की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह में मंत्रालय का कोई अन्य बाहरी व्यक्ति या बिचौलिया तो शामिल नहीं है।










