बलौदाबाजार | छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में आगामी राष्ट्रीय जनगणना (Census 2026-27) को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जनगणना कार्य में जुटे कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्य की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि प्रगणकों (Enumerators) के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार, मारपीट या शासकीय कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ सीधे FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जनगणना अधिनियम के तहत ‘लोक सेवक’ का दर्जा
जनगणना कार्य निदेशालय द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 5 के तहत इस कार्य में तैनात सभी अधिकारी और कर्मचारी भारतीय दंड संहिता (IPC) के अनुसार ‘लोक सेवक’ माने जाएंगे।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि:
- कर्मचारियों के साथ अभद्रता या मारपीट करना एक गंभीर अपराध है।
- धारा 11 के तहत कर्तव्यों के निर्वहन में बाधा डालने पर तत्काल गिरफ्तारी और कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- नागरिकों से अपील है कि वे प्रगणकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करें ताकि यह राष्ट्रीय महत्व का कार्य सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
डिजिटल होगी जनगणना: पूछे जाएंगे ये 33 सवाल
इस बार की जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी। प्रगणक आपके घर आकर मोबाइल ऐप के माध्यम से जानकारी दर्ज करेंगे। जनगणना के पहले चरण (हाउस लिस्टिंग) में मुख्य रूप से 33 श्रेणियों में सवाल पूछे जाएंगे:
1. मकान की जानकारी: भवन नंबर, दीवार, फर्श और छत में इस्तेमाल की गई सामग्री और मकान की वर्तमान स्थिति।
2. बुनियादी सुविधाएं: पीने के पानी का स्रोत, शौचालय की सुविधा, गंदे पानी की निकासी और स्नानगृह की उपलब्धता।
3. रसोई और ईंधन: रसोईघर की स्थिति और खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाला मुख्य ईंधन (LPG/PNG आदि)।
4. परिवार का विवरण: मुखिया का नाम, लिंग, जाति (SC/ST/अन्य) और परिवार में रहने वाले सदस्यों व विवाहित जोड़ों की संख्या।
5. डिजिटल और भौतिक संपत्तियां: रेडियो, टीवी, लैपटॉप/कंप्यूटर, इंटरनेट सुविधा, मोबाइल/स्मार्टफोन और वाहनों (साइकिल/कार/बाइक) की जानकारी।
6. अन्य जानकारी: परिवार द्वारा मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज और केवल संचार हेतु मोबाइल नंबर।
डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान एकत्र की गई सभी व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। प्रगणक किसी भी नागरिक से उनका OTP या बैंक संबंधी जानकारी नहीं मांगेंगे। नागरिकों को सलाह दी गई है कि केवल अधिकृत पहचान पत्र धारी कर्मचारियों को ही जानकारी दें।










