रायपुर। छत्तीसगढ़ के तीन वीर जवानों को उनकी असाधारण बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा और साहसिक सेवाओं के लिए देश के प्रतिष्ठित वीरता सम्मान ‘शौर्य चक्र’ से सम्मानित किया जाएगा। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इन जवानों को सम्मान प्रदान करेंगी। सम्मान पाने वालों में असम राइफल्स के जवान भोजराम साहू तथा छत्तीसगढ़ पुलिस के निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर देशमुख शामिल हैं।
मणिपुर में आतंकियों से मुठभेड़ में दिखाई अदम्य वीरता
असम राइफल्स में पदस्थ भोजराम साहू को मणिपुर में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान प्रदर्शित साहस के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया जा रहा है। 15 नवंबर 2024 को मणिपुर के टेंगनोपाल क्षेत्र में आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर सुरक्षा बलों ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। अभियान के दौरान आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में भोजराम साहू घायल हो गए, लेकिन उन्होंने मोर्चा नहीं छोड़ा और जवाबी कार्रवाई जारी रखी। उनके साहसिक नेतृत्व और टीम की कार्रवाई में तीन आतंकवादी मार गिराए गए, जबकि अन्य भागने पर मजबूर हो गए।
बालोद के बेटे ने बढ़ाया प्रदेश का मान
भोजराम साहू बालोद जिले के डौंडी विकासखंड अंतर्गत ग्राम ढोर्रीठेमा के निवासी हैं। उनकी इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में गर्व और खुशी का माहौल है। स्थानीय लोगों ने इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बताया है।
नक्सल विरोधी अभियानों में उत्कृष्ट योगदान
छत्तीसगढ़ पुलिस के निरीक्षक लक्ष्मण केवट और निरीक्षक रामेश्वर देशमुख को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा अभियानों के दौरान दिखाए गए साहस, नेतृत्व क्षमता और उत्कृष्ट कार्य के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। दोनों अधिकारियों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कई महत्वपूर्ण अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम देकर सुरक्षा बलों की कार्यक्षमता को मजबूत किया है।
पुलिस विभाग में गर्व का माहौल
इस उपलब्धि पर पुलिस अधिकारियों और जवानों में उत्साह का माहौल है। पुलिस अधीक्षक निखिल आकाश राखेचा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के अधिकारियों को राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित किया जाना पूरे पुलिस बल के लिए गौरव की बात है। यह सम्मान जवानों को कठिन परिस्थितियों में भी राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करेगा।
देश का तीसरा सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार
शौर्य चक्र देश का तीसरा सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान है, जो असाधारण साहस, वीरता और कर्तव्य के प्रति समर्पण के लिए प्रदान किया जाता है। छत्तीसगढ़ के तीन जवानों को यह सम्मान मिलना राज्य के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।










