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छत्तीसगढ़ में गरमाई सियासत: महिला आरक्षण विधेयक पर निंदा प्रस्ताव लाएगी सरकार, विशेष सत्र बुलाने की तैयारी

रायपुर। महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक के लोकसभा में पारित नहीं होने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने सोमवार को राजधानी रायपुर सहित प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन किया। रायपुर में आयोजित आक्रोश रैली के दौरान मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में निंदा प्रस्ताव लाया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर महिलाओं की भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी देने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन लोकसभा में विपक्षी दलों ने सहयोग नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश की माताएं और बहनें इस फैसले से आक्रोशित हैं।

जल्द बुलाया जा सकता है विशेष सत्र
मुख्यमंत्री के अनुसार, राज्य सरकार इस मुद्दे पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर प्रस्ताव पारित करेगी। सूत्रों के मुताबिक यह विशेष सत्र 29 अप्रैल से पहले बुलाया जा सकता है और इसके एक दिवसीय होने की संभावना है।

लोकसभा में नहीं मिला बहुमत
गौरतलब है कि संसद के विशेष सत्र में पेश संविधान (131वां संशोधन) विधेयक को लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका। सदन में मौजूद 528 सांसदों में से 298 ने समर्थन में और 230 ने विरोध में मतदान किया, जबकि विधेयक को पारित करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी। इस तरह यह विधेयक 54 वोटों से गिर गया।

अब जनआंदोलन की तैयारी
इस घटनाक्रम के बाद भाजपा ने इसे महिलाओं के सम्मान और अधिकार से जोड़ते हुए विपक्ष के खिलाफ जनआंदोलन का रूप देने की तैयारी शुरू कर दी है। वहीं प्रस्तावित विशेष सत्र को लेकर प्रदेश की राजनीति और तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

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