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शनि का असर करना है कम! इन राशियों को पहनना चाहिए लोहे का छल्ला

Shani Ring Wearing Rules: ज्योतिष शास्त्र में लोहे की अंगूठी का सीधा संबंध शनि देव से माना जाता है. इसकी वजह शनि ग्रह की प्रकृति, धातु और ऊर्जा से जुड़ी मान्यताएं हैं. दरअसल, ज्योतिष के अनुसार हर ग्रह का एक धातु होता है और शनि का धातु लोहा होता है. शनि ग्रह को कर्म, न्याय, अनुशासन और कठिनाइयों का कारक माना जाता है. लोहा बहुत ही मजबूत और भारी धातु है जिसके कारण वह शनि से संबंधित होता है. इसलिए, लोहे से बनी वस्तुएं शनि की ऊर्जा से जुड़ी हुई मानी जाती हैं. तो आइए पंडित अरुणेश कुमार शर्मा से जानते हैं कि लोहे का छल्ला किन राशियों के लिए सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है.

क्यों पहना जाता है लोहे का छल्ला?

मान्यतानुसार, जब किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या चल रही हो तो उसे ही लोहे का छल्ला धारण करना चाहिए. माना जाता है कि लोहे का छल्ला धारण करने से शनिदेव की टेढ़ी नजर व नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव काफी कम हो जाता है. साथ ही, लोहे के छल्ले को धारण करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, धैर्य और स्थिरता तीनों प्राप्त होती है. ज्योतिषियों की मानें तो, यह अंगूठी व्यक्ति रंक से राजा बनाने की ताकत तक रखती है.

किन राशियों के लिए शुभ है लोहे का छल्ला?

ज्योतिषियों के अनुसार, राशिचक्र में 10वें और 11वें नंबर की राशि मकर-कुंभ राशि के स्वामी शनि देव होते हैं. इसलिए इन राशियों के लोगों के लिए लोहा पहनना विशेष रूप से शुभ माना गया है. इन राशियों के अलावा कर्क, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को भी यह छल्ला अच्छे परिणाम देता है. फिर भी इसे पहनने से पहले किसी जानकार या ज्योतिष की सलाह जरूर लें.

लोहे का छल्ला पहनने के विशेष नियम

ज्योतिषियों के मुताबिक, लोहे का छल्ला पहनते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए.

  • सही दिन और समय

लोहे का छल्ला हमेशा शनिवार के दिन ही पहननी चाहिए. इसे सूर्यास्त के बाद धारण करना शुभ माना जाता है, क्योंकि यह समय शनि देव से जुड़ा होता है.

  • तेल में डुबोकर रखें

छल्ले को पहनने से पहले सुबह के समय सरसों या तिल के तेल में कुछ घंटों के लिए डुबोकर जरूर रखें. इससे इसकी शुद्धि बनी रहती है.

  • शनिदेव की पूजा करना जरूरी

लोहे का छल्ला पहनने के बाद शाम के समय शनि देव की पूजा करें और ‘ऊं शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें. इससे छल्ला धारण करने का शुभ फल मिलता है.

  • इस उंगली में पहनें

लोहे के छल्ले को हमेशा मध्यमा (बीच वाली उंगली) में पहनना चाहिए, क्योंकि यह उंगली शनि ग्रह से संबंधित मानी जाती है.

रक्षा कवच की तरह काम करता है लोहे का छल्ला

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लोहे का छल्ला व्यक्ति को बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों से बचाने में भी मदद करता है. यह बार-बार होने वाली सेहत से जुड़ी समस्याओं से राहत दिलाने और जीवन में संतुलन बनाए रखने में भी सहायक माना जाता है.

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