दंतेवाड़ा। बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के दरबार में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर आस्था और भक्ति का अनूठा नजारा देखने को मिल रहा है। दंतेवाड़ा स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर के दो अलग-अलग कक्षों में इस वर्ष 8 हजार से अधिक मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं। इन ज्योतियों को नौ दिनों तक लगातार प्रज्वलित रखने के लिए सेवादार दिन-रात जुटे हुए हैं। हजारों जलती ज्योतियों के बीच बढ़ती गर्मी और तपते फर्श के बावजूद सेवादार पूरी श्रद्धा के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
ज्योति कलश कक्ष में 45 से 55 डिग्री तक गर्मी का एहसास
मंदिर के ज्योति कलश कक्ष में हजारों दीपों के एक साथ प्रज्वलित रहने से गर्मी काफी बढ़ जाती है। बताया जा रहा है कि यहां 45 से 55 डिग्री सेल्सियस तक गर्मी महसूस होती है। गर्म फर्श पर चलना भी सेवादारों के लिए चुनौती बन जाता है। ऐसे में पैरों को गर्मी से बचाने के लिए कुछ सेवादार गत्ते से बने अस्थायी जूतों का इस्तेमाल करते हैं।
इन कठिन परिस्थितियों के बावजूद सेवादार ज्योतियों की देखरेख में लगातार लगे रहते हैं। नौ दिनों तक चलने वाली इस सेवा में सतर्कता और समर्पण दोनों जरूरी हैं, ताकि सभी ज्योति कलशों की उचित देखभाल हो सके।
कोई ज्योतियों की निगरानी में जुटा, तो कोई संभाल रहा भोजन व्यवस्था
मंदिर में सेवादारों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कुछ सेवादार ज्योति कलशों की निगरानी करते हैं, ताकि किसी ज्योति के बुझने की स्थिति में तुरंत आवश्यक व्यवस्था की जा सके। वहीं, दूसरे सेवादार भोजन तैयार करने, जरूरी सामग्री जुटाने और सेवा कार्यों को व्यवस्थित रखने में योगदान देते हैं।
भीषण गर्मी और लगातार काम के बीच सेवादार मां दंतेश्वरी के प्रति अपनी आस्था को सर्वोपरि रखते हुए सेवा में जुटे हैं।
धोती पहनकर करना होता है प्रवेश, कवरेज के दौरान कैमरा भी हुआ बंद
मां दंतेश्वरी मंदिर के ज्योति कलश कक्ष में प्रवेश के लिए निर्धारित परंपराओं का पालन करना होता है। यहां धोती पहनकर प्रवेश किया जाता है। कक्ष के भीतर की परिस्थितियों को करीब से समझने के लिए INH चैनल के संवाददाता भी धोती पहनकर पहुंचे।
कुछ ही देर में संवाददाता पसीने से तरबतर हो गए। गर्मी का असर इतना अधिक था कि कवरेज के दौरान उनका कैमरा भी बंद पड़ गया। इस अनुभव से ज्योति कलश कक्ष के भीतर की परिस्थितियों और वहां सेवा करने वाले सेवादारों के सामने आने वाली चुनौतियों का अंदाजा लगाया जा सकता है।
देश-विदेश से श्रद्धालु प्रज्वलित करवाते हैं मनोकामना ज्योति कलश
मां दंतेश्वरी मंदिर बस्तर अंचल के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। चैत्र नवरात्रि के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर में मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित करवाने की परंपरा से छत्तीसगढ़ के अलावा देश के अन्य हिस्सों और विदेशों में रहने वाले भक्त भी जुड़े हुए हैं।
नौ दिनों तक प्रज्वलित रहने वाली ये ज्योतियां श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक हैं। मंदिर परिसर में जगमगाते हजारों ज्योति कलश जहां भक्तिमय वातावरण बना रहे हैं, वहीं कठिन परिस्थितियों में सेवादारों की निरंतर सेवा इस धार्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है।
कठिन परिस्थितियों में भी सेवा और समर्पण
चैत्र नवरात्रि के दौरान मां दंतेश्वरी के दरबार में श्रद्धालुओं की आस्था के साथ सेवादारों का समर्पण भी देखने को मिल रहा है। तपते फर्श, उमस और लगातार जलती ज्योतियों से पैदा होने वाली गर्मी के बीच वे अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उनके लिए यह केवल व्यवस्था संभालने का काम नहीं, बल्कि मां दंतेश्वरी के प्रति श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करने का माध्यम भी है।










