रायपुर। राजधानी के डीडी नगर थाना क्षेत्र के चंगोराभाठा में आठ महीने पहले हुई एक कर्मचारी की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। विपणन संघ के कर्मचारी वीरेंद्र भारती गोस्वामी की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि उसकी पत्नी और दो बेटियों द्वारा की गई सोची-समझी हत्या थी। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी दीपा भारती (44), बड़ी बेटी तानिया (19) और एक नाबालिग बेटी को गिरफ्तार कर लिया है।
रील देखने के विवाद में हुआ खूनी संघर्ष
पुलिस जांच में सामने आया कि घटना 27 सितंबर 2025 की रात की है। रात करीब 11 बजे वीरेंद्र की बेटी तानिया मोबाइल पर रील देख रही थी। वीरेंद्र ने उसे रील देखने से मना किया, जिससे घर में विवाद शुरू हो गया। बहस इतनी बढ़ी कि पत्नी और दोनों बेटियों ने मिलकर लकड़ी के क्रिकेट बैट और ईंट से वीरेंद्र के सिर पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। 17 गंभीर चोटें लगने के कारण वीरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई।
बनाई झूठी कहानी, अनुकंपा नियुक्ति भी ली
हत्या को छिपाने के लिए पत्नी दीपा भारती ने इसे दुर्घटना का रूप दिया। उसने पड़ोसियों और रिश्तेदारों को बताया कि वीरेंद्र बाथरूम में गिरकर बेहोश हो गए थे। मौत के बाद महिला ने विभाग से अनुकंपा नियुक्ति भी हासिल कर ली और पिछले 8 महीनों से नौकरी कर रही थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला राज
मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस को विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में मृतक के शरीर पर 17 जगह गंभीर चोटों के निशान और सिर की हड्डी टूटने की बात सामने आई। शक होने पर पुलिस ने जब घर के सदस्यों से कड़ी पूछताछ की, तो पत्नी टूट गई और उसने हत्या का जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में इस्तेमाल बैट और ईंट भी बरामद कर लिया है।








