कांकेर। छत्तीसगढ़ी संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। छत्तीसगढ़ी रैप संगीत को नई पहचान दिलाने वाले लोकप्रिय रैपर चेतन चांडक का सोमवार को रायपुर के एम्स अस्पताल में निधन हो गया। वे लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर से कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर समेत पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।
भानुप्रतापपुर निवासी एप्पी राजा ने छत्तीसगढ़ी भाषा में रैप संगीत को नई दिशा दी और युवाओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। उनके गीतों में स्थानीय बोली, संस्कृति और युवाओं की भावनाओं की झलक देखने को मिलती थी, जिसने उन्हें प्रदेशभर में लोकप्रिय बनाया।
संघर्षों से भरा रहा जीवन
चेतन चांडक का जन्म वर्ष 1994 में हुआ था। आर्थिक चुनौतियों के बीच उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और परिवार की जिम्मेदारियों को भी निभाया। 11वीं कक्षा के दौरान पिता की तबीयत खराब होने के बाद परिवार आर्थिक संकट में आ गया था। घर की स्थिति संभालने के लिए वे गुजरात के सूरत में काम करने गए, लेकिन संगीत के प्रति उनका जुनून उन्हें फिर अपने सपनों की राह पर ले आया।
सातवीं कक्षा में लिखा था पहला रैप
एप्पी राजा को बचपन से ही रैप संगीत का शौक था। बताया जाता है कि उन्होंने अपना पहला रैप गीत सातवीं कक्षा में लिखा था। बाद में उनका चर्चित गीत “टूरा भोको लोलो” रिलीज हुआ, जिसने उन्हें पूरे छत्तीसगढ़ में पहचान दिलाई। यह गीत सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और लाखों लोगों तक पहुंचा।
छत्तीसगढ़ी रैप को दिलाई नई पहचान
एप्पी राजा ने केवल मनोरंजन तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने ए.पी.जे. अब्दुल कलाम, भगत सिंह और देशभक्ति जैसे विषयों पर भी रैप गीत तैयार किए। स्थानीय संस्कृति को आधुनिक संगीत के साथ प्रस्तुत करने की उनकी शैली ने उन्हें युवाओं का पसंदीदा कलाकार बना दिया।
भानुप्रतापपुर में होगा अंतिम संस्कार
परिजनों के अनुसार, एप्पी राजा का अंतिम संस्कार उनके गृह क्षेत्र भानुप्रतापपुर में किया जाएगा। उनके निधन पर कलाकारों, संगीत प्रेमियों और हजारों प्रशंसकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है।
एप्पी राजा का जाना छत्तीसगढ़ी संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनके गीत और उनकी रचनात्मक विरासत हमेशा प्रशंसकों के दिलों में जीवित रहेगी।










