राजनांदगांव। जिला मुख्यालय में कथित अवैध मतांतरण से जुड़ी गतिविधियों की परतें अब धीरे-धीरे खुलती जा रही हैं। ग्राम धर्मापुर में मिशनरी कमांडर के आश्रम और उससे जुड़े नेटवर्क का खुलासा होने के बाद अब ग्राम पनेका से भी चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है।
निजी कॉलेज प्राचार्य के घर पर रविवार की सभाओं को लेकर विवाद
ग्राम पनेका में एक निजी महाविद्यालय के प्राचार्य के निवास पर हर रविवार को कथित रूप से प्रार्थना सभा, चंगाई सभा और अन्य धार्मिक गतिविधियों के आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में रोष व्याप्त है। आरोप है कि इन सभाओं के माध्यम से ग्रामीणों को प्रभावित कर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन गतिविधियों में बाहरी लोगों की भी नियमित आवाजाही होती है, जिससे गांव का माहौल प्रभावित हो रहा है।
हिंदू संगठनों का विरोध तेज
इस पूरे मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के बाद अब हिंदू जागरण मंच ने भी कड़ा रुख अपनाया है। संगठन के पदाधिकारियों ने इसे मिशनरियों के संगठित नेटवर्क का हिस्सा बताते हुए प्रशासन और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हिंदू जागरण मंच का आरोप है कि धर्मापुर में सामने आए नेटवर्क की ही तर्ज पर ग्राम पनेका में भी सुनियोजित तरीके से गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जो कानून और सामाजिक सौहार्द के खिलाफ हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
लगातार मिल रही शिकायतों और विरोध के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए सभी तथ्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
- आयोजनों की प्रकृति
- उसमें शामिल लोगों की भूमिका
- किसी प्रकार के प्रलोभन या दबाव की पुष्टि
इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि यदि जांच में अवैध मतांतरण या कानून उल्लंघन के साक्ष्य मिलते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की नजर, इलाके में सतर्कता बढ़ी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान किया जाएगा, लेकिन कानून के खिलाफ गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।









