नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ एक बड़ी और निर्णायक सफलता हासिल की है। ‘माड़ बचाओ अभियान’ के तहत की गई इस कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों द्वारा जंगलों में छिपाकर रखा गया एक विशाल डंप बरामद किया है। इस ऑपरेशन में 1 करोड़ 1 लाख 64 हजार रुपये नकद, अत्याधुनिक हथियार और भारी मात्रा में विस्फोटक जब्त किए गए हैं।
महीने भर चला ‘माड़ बचाओ अभियान’
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह सफलता नारायणपुर पुलिस, डीआरजी (DRG), एसटीएफ (STF), आईटीबीपी (ITBP) और बीएसएफ (BSF) की संयुक्त टीम को मिली है। खुफिया जानकारी के आधार पर करीब एक महीने तक अबूझमाड़ के दुर्गम और घने जंगलों में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जिसके बाद इस गुप्त डंप का पता चला।
1 करोड़ से ज्यादा कैश बरामद: टूटी आर्थिक कमर
इस कार्रवाई की सबसे बड़ी उपलब्धि ₹1,01,64,000 की नकद राशि की बरामदगी है। पुलिस का मानना है कि इस भारी-भरकम राशि का इस्तेमाल नक्सली संगठन नए कैडरों की भर्ती, अत्याधुनिक हथियारों की खरीद और विस्फोटक सामग्री जुटाने के लिए करने वाले थे। इतनी बड़ी रकम का मिलना माओवादियों के आर्थिक नेटवर्क पर एक बड़ी चोट माना जा रहा है।
हथियारों और विस्फोटकों का बड़ा भंडार जब्त
नारायणपुर पुलिस के अनुसार, बरामद डंप से आधुनिक हथियारों का जखीरा मिला है, जिसमें शामिल हैं:
- हथियार: 3 एके-47 रायफल, 3 एसएलआर, 2 .303 रायफल, 1 .315 रायफल, 2 बारह बोर बंदूक और 2 देशी कट्टे।
- गोला-बारूद: 300 से अधिक जिंदा कारतूस और 132 बीजीएल सेल।
- विस्फोटक: इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, कार्डेक्स वायर, 5 किलो सोरा और 3 किलो सफेद पाउडर।
- अन्य: वायरलेस सेट, संचार उपकरण, रेडियो सेल और दैनिक उपयोग की सामग्री।
2025-26 में अब तक 270 हथियार बरामद
जिले के वरिष्ठ अधिकारी रोबिनसन गुड़िया ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक कुल 270 हथियार बरामद किए जा चुके हैं। उन्होंने इस सफलता का श्रेय ग्रामीणों के बढ़ते सहयोग और मजबूत खुफिया तंत्र को दिया है। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह डंप माओवादियों की रणनीतिक गतिविधियों और हथियार आपूर्ति का मुख्य केंद्र था।









